प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन की गर्मजोशी भरी मुलाकात, विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग की हुई समीक्षा

प्रधानमंत्री मोदी और पुतिन दोनों देशों के बीच विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी (Special and Privileged Strategic Partnership) को और मजबूत करने की दिशा में काम करते रहने पर सहमत हुए। यह साझेदारी लगातार महत्वपूर्ण विकास कर रही है और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बावजूद इसने मजबूती दिखाई है। राष्ट्रपति पुतिन ने प्रधानमंत्री को 24वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए रूस आने का निमंत्रण दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने भी इस निमंत्रण को स्वीकार कर लिया है।

प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन की गर्मजोशी भरी मुलाकात, विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग की हुई समीक्षा

दोनों नेता इससे पहले 31 अगस्त को बिश्केक में 26वें SCO शिखर सम्मेलन में मिले थे।

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Highlights

  • प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के बीच काफी आत्मीयता दिखी और उन्होंने एक-दूसरे को गले भी लगाया।
  • प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति पुतिन को प्राचीन तमिल ग्रंथ तिरूक्कुरल का रूसी अनुवाद भेंट किया।
  • द्विपक्षीय बैठक के बाद दोनों नेता एक ही कार से भारत मंडपम पहुंचे और INNOPROM प्रदर्शनी का दौरा किया।

भारत की राजधानी दिल्ली से एक बड़ी खबर सामने आई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की BRICS समिट 2026 के दौरान मुलाकात हुई। मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं के बीच गर्मजोशी साफ देखी गई और उन्होंने एक-दूसरे को गले भी लगाया। प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति पुतिन को प्राचीन तमिल ग्रंथ 'तिरूक्कुरल' का रूसी अनुवाद भेंट किया। प्रधानमंत्री मोदी ने इस पल का एक वीडियो 'X' पर शेयर करते हुए लिखा, "राष्ट्रपति पुतिन को तिरूक्कुरल का रूसी अनुवाद भेंट किया। इसमें महान तिरूवल्लुवर​ की कालजयी बुद्धिमत्ता समाहित है, जो भाषाओं और सीमाओं से परे है।"

जानकारी के अनुसार, दोनों प्रमुख नेताओं के बीच यह मुलाकात लगभग 45 मिनट तक चली। इस द्विपक्षीय बैठक के बाद, दोनों नेता एक ही कार से भारत मंडपम पहुंचे और वहाँ आयोजित INNOPROM प्रदर्शनी का दौरा किया। विदेश मंत्रालय की प्रेस रिलीज के अनुसार, यह इस साल उनकी दूसरी मुलाकात थी। दोनों नेताओं की इससे पहले 31 अगस्त 2026 को बिश्केक में 26वें SCO शिखर सम्मेलन के दौरान मुलाकात हुई थी। दोनों नेताओं ने राजनीतिक, आर्थिक, रक्षा, ऊर्जा, अंतरिक्ष, कौशल गतिशीलता और लोगों के बीच आपसी संबंधों के क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग की प्रगति की समीक्षा की। 

दोनों नेताओं ने बहुपक्षीय मंचों पर, विशेष रूप से 2026 में भारत की अध्यक्षता में ब्रिक्स के भीतर भारत-रूस सहयोग पर विचारों का आदान-प्रदान किया। उन्होंने आपसी हित के प्रमुख क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी अपने विचार साझा किए, जिनमें पश्चिम एशिया और ब्लैक सी क्षेत्र में चल रहे संघर्ष शामिल हैं, जिनका समुद्री व्यापार और भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर असर पड़ा है। प्रधानमंत्री ने एक बार फिर दोहराया कि बातचीत और कूटनीति ही संघर्षों को सुलझाने का सही रास्ता है और भारत शांति प्रयासों में मदद करने के लिए तैयार है।

प्रधानमंत्री मोदी और पुतिन दोनों देशों के बीच विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी (Special and Privileged Strategic Partnership) को और मजबूत करने की दिशा में काम करते रहने पर सहमत हुए। यह साझेदारी लगातार महत्वपूर्ण विकास कर रही है और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बावजूद इसने मजबूती दिखाई है। राष्ट्रपति पुतिन ने प्रधानमंत्री को 24वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए रूस आने का निमंत्रण दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने भी इस निमंत्रण को स्वीकार कर लिया है।

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