राजस्थान में शहरी स्थानीय निकाय चुनावों के पहले चरण के लिए वोटिंग बुधवार सुबह 7.00 बजे से शुरू हो गई है, जो शाम 6.00 बजे तक चलेगी। सभी पोलिंग सेंटर्स पर सुरक्षा की कड़ी व्यवस्था की गई है। जानकारी के अनुसार, पहले चरण के इस संग्राम में 39 जिलों के 162 शहरी स्थानीय निकाय शामिल हैं, जिनमें 131 नगरपालिकाएं, 27 नगर परिषद और चार नगर निगम (भरतपुर, अलवर, बीकानेर और भीलवाड़ा) शामिल हैं। वहीं दूसरे चरण के चुनाव 11 सितंबर को होंगे।
इस चरण में 20 हजार से अधिक उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करने के लिए 57.52 लाख से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। केंद्रीय राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और राजस्थान में विपक्ष के नेता टीका राम जूली पहले ही वोट डाल चुके हैं। बीकानेर में अपने मताधिकार का प्रयोग करने के बाद अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि ये यह लोकतंत्र का पर्व है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में जिस तरह से विकास हुआ है और हर क्षेत्र में तरक्की हुई है, उससे हमारी जीडीपी 7.8% की दर से बढ़ी है। विपक्ष को सिर्फ आलोचना करना ही आता है।
वहीं अलवर में वोट डालने के बाद टीका राम जूली ने मीडिया को बताया कि वोटर जागरूक हो गए हैं। राज्य में कांग्रेस के लिए बहुत अच्छा माहौल है। यह सरकार पिछले तीन सालों से सत्ता में है, फिर भी अपनी कमियों को दूर करने में नाकाम रही है। जनता ने भारतीय जनता पार्टी को हराने और कांग्रेस को सत्ता में लाने का फैसला कर लिया है। यह सरकार सिर्फ बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर कुछ भी दिखाई नहीं देता।
आगामी चुनावों से ठीक पहले कुल 77 उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हो चुके हैं। इनमें भारतीय जनता पार्टी ने सबसे अधिक 44 सीटों पर जीत हासिल की है, वहीं कांग्रेस के 16 उम्मीदवार भी बिना किसी मुकाबले के जीते हैं। इसके अलावा, 17 निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी अपनी जीत सुनिश्चित कर ली है। खास बात यह है कि बिना किसी विरोध के जीतने वाले कुल प्रत्याशियों में 37 महिलाएं भी शामिल हैं।