राज्यसभा चुनाव 2026 : 26 नेता निर्विरोध चुने गए, शरद पवार समेत कई दिग्गज बिना मुकाबले पहुंचे सदन

नामांकन वापसी की आखिरी तारीख के बाद राज्यसभा चुनाव 2026 में देशभर से 26 नेताओं को निर्विरोध चुन लिया गया। महाराष्ट्र, तमिलनाडु, असम, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में जितने उम्मीदवार थे उतनी ही सीटें थीं, इसलिए चुनाव की जरूरत नहीं पड़ी। महाराष्ट्र से शरद पवार, पार्थ पवार, विनोद तावड़े और रामदास अठावले जैसे नेता चुने गए। वहीं तमिलनाडु, असम और तेलंगाना में भी कई दिग्गज बिना मुकाबले जीत गए। अब बिहार, ओडिशा और हरियाणा की कुछ सीटों पर 16 मार्च को मतदान होना बाकी है।

राज्यसभा चुनाव 2026 : 26 नेता निर्विरोध चुने गए, शरद पवार समेत कई दिग्गज बिना मुकाबले पहुंचे सदन

इस चुनाव में अलग-अलग पार्टियों से दादा-पोते की जोड़ी भी निर्विरोध चुन ली गई है।

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Highlights

  • राज्यसभा चुनाव 2026 में देश के अलग-अलग राज्यों से कुल 26 नेता निर्विरोध चुने गए।
  • महाराष्ट्र में शरद पवार सहित सात उम्मीदवार बिना मुकाबले के राज्यसभा पहुंचे।
  • बिहार, ओडिशा और हरियाणा की कुछ सीटों पर 16 मार्च को मतदान होगा।

भारत की राजनीति से जुड़ी एक अहम खबर सामने आई है। राज्यसभा चुनाव 2026 के लिए नामांकन वापस लेने की अंतिम तारीख खत्म होने के बाद देश के विभिन्न राज्यों से कुल 26 नेताओं को निर्विरोध चुन लिया गया है। इसका मतलब है कि इन सीटों पर जितने उम्मीदवार सामने थे, उतनी ही सीटें खाली थीं, इसलिए बिना किसी चुनाव के इन दिग्गजों की जीत तय हो गई।

महाराष्ट्र में राज्यसभा की सात खाली सीटों के लिए सात ही उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया था। कोई मुकाबला न होने के कारण इन सातों नेताओं को निर्विरोध ही चुन लिया गया है। इस सूची में NCP (SP) अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता शरद पवार का नाम प्रमुख है। शरद पवार की उम्मीदवारी के बाद भाजपा ने अपना उम्मीदवार नहीं उतारा, जिसे उनके कद के प्रति सम्मान के तौर पर देखा जा रहा है।

शरद पवार के अलावा NCP (अजित पवार गुट) के नेता और उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के बेटे पार्थ पवार भी पहली बार राज्यसभा पहुंचे हैं। भाजपा नेताओं की बात करें तो पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े, रामराव वाडकुटे और माया इवनाते ने जीत हासिल की है, जबकि शिवसेना (शिंदे गुट) से ज्योति वाघमारे ने बाजी मारी है। रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (अठावले) के रामदास अठावले भी एक बार फिर राज्यसभा जाएंगे।

पूर्व में विधायक, विधान परिषद के सदस्य और महाराष्ट्र सरकार में मंत्री रहे विनोद तावड़े की काफी समय बाद संसदीय राजनीति में वापसी हुई है। सिर्फ महाराष्ट्र ही नहीं, बल्कि तमिलनाडु, असम और तेलंगाना जैसे राज्यों में भी चुनाव की नौबत नहीं आई। तमिलनाडु से सभी 6 उम्मीदवार निर्विरोध चुन लिए गए, जिनमें ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कळगम (AIADMK) के एम. थंबीदुरई और द्रविड़ मुनेत्र कळगम (DMK) के तिरुचि शिवा जैसे दिग्गज नेता शामिल हैं।

इन दोनों के अलावा DMK से ही जे. कॉन्स्टेंटाइन रविंद्रन, देसिया मुरपोक्कु द्रविड़ कळगम (DMDK) से एल. के. सुधीश, कांग्रेस से एम. क्रिस्टोफर तिलक और पट्टाली मक्कल काची (PMK) से डॉ. अंबुमणि रामदास का नाम भी इस सूची में शामिल है। वहीं असम से भाजपा के जोगेन मोहन और तेराश गोवाला व यूनाइटेड पीपल्स पार्टी लिबरल (UPPL) के प्रमोद बोरो भी निर्विरोध चुन लिए गए हैं।

बात करें तेलंगाना की तो कांग्रेस के वेम नरेंद्र रेड्डी और अभिषेक मनु सिंघवी भी बिना किसी विरोध के चुन लिए गए हैं। हिमाचल प्रदेश से कांग्रेस के अनुराग शर्मा और छत्तीसगढ़ से भाजपा की लक्ष्मी वर्मा व कांग्रेस की फूलो देवी नेताम विजयी हुई हैं।

पश्चिम बंगाल से भी 5 सीटों पर नतीजे सामने आ चुके हैं। भाजपा से पार्टी की पश्चिम बंगाल इकाई के पूर्व अध्यक्ष राहुल सिन्हा, तृणमूल कांग्रेस (TMC) से बाबुल सुप्रियो, पश्चिम बंगाल पुलिस के पूर्व DGP राजीव कुमार, सीनियर एडवोकेट मेनका गुरुस्वामी और बंगाली फिल्मों की अभिनेत्री कोयल मल्लिक राज्यसभा के लिए चुन लिए गए हैं।

जहां 26 सीटों पर बिना मुकाबले के फैसला हो गया, वहीं बिहार, ओडिशा और हरियाणा की कुछ सीटों पर 16 मार्च को मतदान होगा। ओडिशा में चार सीटें खाली होंगी और उन पर चुनाव होंगे। ओडिशा भाजपा अध्यक्ष मनमोहन सामल और राज्यसभा सांसद सुजीत कुमार ने दो सीटों के लिए नामांकन दाखिल किया है, जबकि बीजू जनता दल (BJD) ने तीसरी सीट के लिए पार्टी नेता संतृप्त मिश्रा को उम्मीदवार बनाया है। चौथी सीट के लिए मुकाबला डॉ. दत्तेश्वर होता और निर्दलीय नेता दिलीप राय के बीच है। डॉ. दत्तेश्वर को BJD और कांग्रेस का समर्थन प्राप्त है, जबकि दिलीप राय को भाजपा का समर्थन प्राप्त है।

बिहार में पांच सीटों पर चुनाव होंगे। जनता दल यूनाइटेड (JDU) की ओर​ से बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन भाजपा के उम्मीदवार के रूप में मैदान में हैं। राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के नेता और NDA सहयोगी उपेंद्र कुशवाहा, केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर और पूर्व विधायक शिवेश कुमार भी मैदान में हैं। विपक्ष की ओर से राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने राज्यसभा के मौजूदा सदस्य अमरेंद्र धारी सिंह को उम्मीदवार बनाया है।

हरियाणा में भी दो सीटों पर कांटे की टक्कर देखने को मिल रही है। अगर निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नंदाल मैदान में न उतरे होते, तो भाजपा और कांग्रेस दोनों ही अपने आधिकारिक उम्मीदवार, भाजपा की ओर से संजय भाटिया और कांग्रेस की ओर से कर्मवीर सिंह बौध के साथ एक-एक सीट जीत सकती थीं।

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