बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी के साथ होगा गणतंत्र दिवस समारोह का भव्य समापन

इस अवसर पर राष्ट्रपति मुर्मू के अलावा उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, तीनों सेनाओं के प्रमुख, अन्य केंद्रीय मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में आम नागरिकों की उपस्थिति रहेगी।

बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी के साथ होगा गणतंत्र दिवस समारोह का भव्य समापन

विजय चौक पर 29 जनवरी को बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी का भव्य आयोजन किया जाएगा।

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Highlights

  • विजय चौक पर कल "बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी" का भव्य आयोजन किया जाएगा।
  • समारोह राष्ट्रीय गीत "वंदे मातरम" के 150 वर्ष पूरे होने का भी जश्न मनाएगा।
  • बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी का समापन प्रसिद्ध धुन "सारे जहां से अच्छा" से किया जाएगा।

दिल्ली के ऐतिहासिक विजय चौक पर 29 जनवरी को "बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी" का भव्य आयोजन किया जाएगा। इसी के साथ गणतंत्र दिवस समारोह का यादगार समापन भी हो जाएगा। दिल्ली के रायसीना हिल्स पर जब सूरज ढलेगा, तब सेना के बैंडों की मधुर धुनों और रंग-बिरंगी रोशनी वहां मौजूद प्रत्येक व्यक्ति का दिल जीत लेगी। समारोह की शुरूआत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के आगमन के साथ होगी। राष्ट्रपति के अंगरक्षक उन्हें सलामी देंगे और पूरा माहौल राष्ट्रगान की गूंज से भर उठेगा। इस अवसर पर राष्ट्रपति मुर्मू के अलावा उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, तीनों सेनाओं के प्रमुख, अन्य केंद्रीय मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में आम नागरिकों की उपस्थिति रहेगी।

कार्यक्रम की शुरूआत प्रसिद्ध धुन "कदम कदम बढ़ाए जा" से की जाएगी। भारतीय सशस्त्र बलों और अर्धसैनिक बलों के बैंड वंदे मातरम, सितारे हिंद, विजयी भारत, आरंभ है प्रचंड है, ए मेरे वतन के लोगों, अतुल्य भारत सहित कई मधुर और थिरकने वाली धुन बजाएंगे। यह समारोह राष्ट्रीय गीत "वंदे मातरम" के 150 वर्ष पूरे होने का भी जश्न मनाएगा। इस वर्ष, समारोह के लिए विजय चौक पर बने बैठने के स्थानों का नाम भारतीय वाद्ययंत्रों जैसे बांसुरी, वीणा, सितार, तबला, संतूर, सारंगी, डमरू, एकतारा, एसराज, मृदंगम, नगाड़ा, पखावज, सरिंदा, सरोद, शहनाई, और सुरबहार के नाम पर रखा गया है। इस समारोह का समापन प्रसिद्ध धुन "सारे जहां से अच्छा" से किया जाएगा। पाइप्स और ड्रम बैंड्स की धुन पूरे माहौल को देशभक्ति के रंग से सराबोर कर देगी।

बीटिंग रिट्रीट की ये परंपरा काफी पुरानी है। पुराने समय में जब सूर्यास्त होता था, तो उसके बाद सेनाएं अपने बैरकों में वापस लौट आती थी। उस समय नगाड़े और बिगुल बजाकर युद्ध रोकने का संकेत दिया जाता था। भारत में भी इसी परंपरा का पालन करते हुए हर साल 29 जनवरी को, गणतंत्र दिवस समारोह के समापन के तौर पर इसे मनाया जाता है।

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