सरकार और CJP प्रतिनिधियों के बीच हुई दूसरे दौर की वार्ता, केंद्र का कुछ मांगों पर सकारात्मक रूख

CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने यह भी बताया कि हमने सरकार से यह पक्की गारंटी भी मांगी है कि भविष्य में किसी भी शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारी या आयोजक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। हमने अपने फाइव-पॉइंट पॉलिसी चार्टर पर भी चर्चा की, जिसका मकसद शिक्षा व्यवस्था को पूरी तरह और बुनियादी तौर पर बदलना और पेपर लीक की समस्या को हल करना है।

सरकार और CJP प्रतिनिधियों के बीच हुई दूसरे दौर की वार्ता, केंद्र का कुछ मांगों पर सकारात्मक रूख

सरकार और CJP की बैठक लगभग 2 घंटे चली।

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Highlights

  • CJP ने साफ किया की धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर कोई समझौता नहीं होगा।
  • CJP ने मांग की है की आत्महत्या करने वाले NEET उम्मीदवारों के परिवारों को 1 करोड़ रूपए मुआवजा दिया जाए।
  • CJP ने कहा की छात्रों पर दर्ज FIR को वापस लिया जाना चाहिए।

भारत की राजधानी दिल्ली से एक बड़ी खबर सामने आई है। आज, केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास और राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका से मुलाकात की। दोनों मंत्रियों ने सौरव और आशुतोष के साथ दूसरे दौर की बातचीत की। इस बैठक के बाद जेपी नड्डा ने मीडिया को बताया कि ये बैठक लगभग 2 घंटे तक चली।

उनकी 3 मुख्य मांगें थीं और परीक्षाओं के लिए 5 सुधार के सुझाव थे। हमने उनसे कहा है कि हम कल दोपहर फिर मिलेंगे और सरकार के बीच हुई चर्चा के बारे में उन्हें बताएंगे। नड्डा ने बताया कि CJP के साथ बैठक बहुत अच्छे माहौल में हुई। दूसरी ओर आशुतोष रांका ने भी मीडिया को जानकारी दी कि सरकार ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की हमारी मांग पर कल दोपहर तक का समय मांगा है। हमें उम्मीद है कि सरकार उन्हें जल्द ही हटा देगी।

आशतोष ने बताया कि सरकार दो मांगों को लेकर इन-प्रिंसिपल पॉजिटिव है। इनमें आत्महत्या करने वाले NEET उम्मीदवारों के परिवारों को 1 करोड़ रूपए का मुआवजा देना और छात्रों के खिलाफ दर्ज FIR (CJP की पिछली गिनती के अनुसार 11) वापस लेना शामिल हैं। उनके मुताबिक, युवाओं में गुस्सा और नाराजगी फैली हुई है और साफ बात यह है कि धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना होगा। सरकार के साथ बैठक के बाद सौरव दास ने भी कहा कि, हमने केंद्रीय मंत्रियों को बता दिया है कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की हमारी मांग पर कोई समझौता नहीं हो सकता।

सौरव ने यह भी बताया कि हमने सरकार से यह पक्की गारंटी भी मांगी है कि भविष्य में किसी भी शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारी या आयोजक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। हमने अपने फाइव-पॉइंट पॉलिसी चार्टर पर भी चर्चा की, जिसका मकसद शिक्षा व्यवस्था को पूरी तरह और बुनियादी तौर पर बदलना और पेपर लीक की समस्या को हल करना है। 

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