सोनम वांगचुक अस्पताल से डिस्चार्ज, लद्दाख लौटने से पहले राजघाट पर बापू को दी श्रद्धांजलि

जब सोनम वांगचुक स्विट्जरलैंड से लौटे थे और भूख हड़ताल शुरू करने वाले थे तो, जंतर-मंतर जाने से पहले भी उन्होंने राजघाट जाकर बापू को श्रद्धांजलि दी थी।

सोनम वांगचुक अस्पताल से डिस्चार्ज, लद्दाख लौटने से पहले राजघाट पर बापू को दी श्रद्धांजलि

सोनम वांगचुक ने मेदांता अस्पताल के डॉक्टरों और स्टाफ का भी दिल से शुक्रिया अदा किया।

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Highlights

  • सोनम ने बताया की उन्होंने खाना शुरू कर दिया है और उनकी ताकत भी वापस आ रही है।
  • सोनम ने आगे भी सभी लोगों से जुड़े रहने की उम्मीद जताई।
  • इसके विपरीत धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद CJP के सदस्य होटल में जश्न मनाते नजर आए।

दिल्ली से एक बड़ी खबर सामने आई है। 26 दिनों तक भूख हड़ताल करने वाले कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को आज गुरूग्राम के मेदांता अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है। उन्होंने अस्पताल में कुर्सी पर बैठे हुए अपना एक वीडियो भी जारी किया, जिसमें उन्होंने कहा कि आखिरकार वह दिन आ ही गया जब मैं अस्पताल से डिस्चार्ज हो रहा हूँ। अब मैं काफी बेहतर महसूस कर रहा हूँ। मैंने धीरे-धीरे खाना शुरू कर दिया है और मेरी ताकत भी वापस आ रही है। लद्दाख लौटने से पहले, आज मैं बापू को श्रद्धांजलि देने राजघाट जाऊँगा।

जब मैं स्विट्जरलैंड से लौटा था और भूख हड़ताल शुरू करने वाला था तो जंतर-मंतर जाने से पहले मैंने राजघाट जाकर श्रद्धांजलि दी थी। आज लद्दाख स्थित अपने घर के लिए निकलने से पहले हम वैसा ही करेंगे। जाते-जाते, मैं आप सभी का दिल का दिल की गहराइयों से शुक्रिया अदा करना चाहता हूँ। हमने सभी ने मिलकर एक आंदोलन चलाया और कामयाब भी हुए। ​​हम उम्मीद करते हैं कि भविष्य में भी आप सभी से जुड़े रहेंगे।" सोनम वांगचुक ने मेदांता अस्पताल के डॉक्टरों और स्टाफ का भी दिल से शुक्रिया अदा किया। ताजा घटनाक्रम में, सोनम वांगचुक राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दे चुके हैं। इस दौरान उनकी पत्नी गीतांजलि जे. आंग्मो भी उनके साथ मौजूद थी

उधर, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद, सोशल मीडिया पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सदस्यों का एक वीडियो भी वायरल हो रहा है। वीडियो में वे एक होटल में जश्न मनाते नजर आ रहे हैं। इस X पर शेयर करते हुए भाजपा के पूर्व राज्यसभा सांसद और वकील महेश जेठमलानी ने लिखा, "CJP की लीडरशिप एक होटल में जीत का जश्न मना रही है! दिल्ली में कई दिनों तक हिंसा होने के बाद, ये तथाकथित युवा एक्टिविस्ट संगीत बजाकर नाचने लगे। इस पूरे आंदोलन के दौरान यात्रा, खाने-पीने, रहने की जगह, इक्विपमेंट और लॉजिस्टिक्स का खर्च किसने उठाया? उन लोगों को पैसे किसने दिए जिन्होंने दिल्ली में तनाव और अशांति बनाए रखी?"

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