नई दिल्ली से बड़ी खबर सामने आई है। 20 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को आज सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सूत्रों के अनुसार, लंबी भूख हड़ताल के बाद डॉक्टरों की कड़ी निगरानी में हैं। डॉक्टरों ने डिहाइड्रेशन, पोटैशियम की कमी और कीटोन का स्तर बढ़ने की बात कही है। अनशन के दौरान कीटोन का स्तर बढ़ सकता है, लेकिन डिहाइड्रेशन के साथ इसके बहुत ज्यादा बढ़ जाने से किडनी के काम करने की क्षमता पर खतरा हो सकता है और मेटाबॉलिज्म से जुड़ी अन्य जटिलताएं हो सकती हैं। अस्पताल प्रशासन परिवार को लगातार समझा रहा है कि बिना और देरी किए इलाज शुरू करने की अनुमति दी जाए।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने भी आज से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल की घोषणा कर दी है। जंतर-मंतर पर आज विरोध प्रदर्शन के दौरान एक महिला ने उन पर स्याही भी फेंकी। इसका वीडियो X पर शेयर करते हुए अभिजीत ने लिखा, "Blue is my colour. Jai Bhim!" CJP ने 20 जुलाई को संसद तक रैली निकालने का ऐलान किया है। हालांकि दिल्ली पुलिस सूत्रों का कहना है कि, CJP ने अभी तक संसद मार्च के लिए अनुमति नहीं मांगी है।
अब अभिजीत दिपके को भी विपक्षी नेताओं का समर्थन मिलता हुआ दिखाई दे रहा है। आज महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के संस्थापक राज ठाकरे के बेटे अमित ठाकरे भी आज प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे। CJP ने इसकी तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए लिखा, "MNS नेता अमित ठाकरे ने आज अभिजीत दिपके से मुलाकात कर विरोध प्रदर्शन को समर्थन दिया और MNS प्रमुख राज ठाकरे की ओर से एकजुटता व्यक्त की। उन्होंने आज सुबह सोनम वांगचुक के खिलाफ दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर गहरा दुख प्रकट किया।"
ताजा घटनाक्रम में, एक हेल्थ बुलेटिन भी जारी किया गया है, जिसमें सोनम वांगचुक को लेकर जानकारी दी गई है। इसमें लिखा है कि 59 साल के सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस 18/7/2026 को सुबह 7.40 बजे वर्धमान महावीर मेडिकल कॉलेज एवं सफदरजंग अस्पताल लेकर आई और उन्हें भर्ती किया गया। उन्हें 20 दिनों तक ठोस भोजन न करने और पूरे शरीर में कमजोरी की वजह से भर्ती किया गया था। उन्हें बेहोश होने की कोई समस्या नहीं रही है। भर्ती होने के समय वे होश में थे और उनकी पल्स, ब्लड प्रेशर और ऑक्सीजन सैचुरेशन स्थिर थे। उनमें डिहाइड्रेशन के लक्षण दिखे।
ब्लड गैस एनालिसिस से पता चला कि उन्हें 'कम्पेन्सेटेड एसिडोसिस' है, सीरम पोटैशियम का स्तर कम है और ब्लड शुगर 78 mg/dl है। दोबारा जांच में भी सीरम पोटैशियम का स्तर वैसा ही पाया गया। भर्ती होने के समय यूरिनरी कीटोन 1+ थे, जो दोपहर 1.00 बजे तक बढ़कर 3+ हो गए। हालांकि उन्हें इंट्रावेनस (IV) फ्लूइड देने की सलाह दी गई थी, लेकिन मरीज ने IV फ्लूइड, ओरल रिहाइड्रेशन फ्लूइड या कोई भी दवा लेने से इनकार कर दिया है। उनकी लगातार निगरानी की जा रही है और उनके स्वास्थ्य के हित में इलाज के लिए उन्हें समझाया-बुझाया जा रहा है।