नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटा, नाराज समर्थकों का हंगामा, पुलिस पर पथराव और सड़क जाम किया

डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने 1990 से 1993 और फिर 1998 से 2008 तक डबरा से विधायक के तौर पर काम किया। इसके अलावा, उन्होंने 2008 से 2023 के बीच लगातार तीन बार दतिया विधानसभा सीट जीती। गृह मंत्रालय के अलावा, उन्होंने मध्य प्रदेश में संसदीय कार्य, जल संसाधन, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, शहरी विकास, कानून और सूचना एवं जनसंपर्क जैसे विभागों की जिम्मेदारी भी संभाली है।

नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटा, नाराज समर्थकों का हंगामा, पुलिस पर पथराव और सड़क जाम किया

डॉ. नरोत्तम मिश्रा को मध्य प्रदेश के सबसे प्रभावशाली नेताओं में से एक माना जाता है।

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Highlights

  • भाजपा ने डॉ. नरोत्तम मिश्रा के स्थान पर आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार घोषित किया है।
  • मिश्रा को टिकट न मिलने के विरोध में कई पदाधिकारियों द्वारा इस्तीफा देने की खबरें भी सामने आई है।
  • बिहार की बांकीपुर सीट से अभिषेक कुमार ने अपना नाम वापस ले लिया है और नीरज कुमार सिन्हा वहां से चुनाव लड़ेंगे।

मध्य प्रदेश की राजनीति से बहुत ही चौंकाने वाली खबर सामने आई है। दतिया विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कद्दावर नेता एवं पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का टिकट काट दिया। उनकी जगह पार्टी ने आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार के तौर पर खड़ा किया है। बताया जा रहा है कि मिश्रा पिछले 3-4 महीनों से चुनाव की तैयारी कर रहे थे और वो इस सीट पर सबसे प्रबल दावेदार भी थे। जानकारी के अनुसार, उन्होंने नॉमिनेशन फॉर्म भी खरीद लिया था। हालांकि इसके उलट आशुतोष तिवारी को दतिया उपचुनाव में प्रत्याशी बनाया गया। रिपोर्ट्स की मानें तो, आशुतोष BJP के संभागीय संगठन मंत्री के तौर पर काम कर चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने 2020 से 2023 तक मध्य प्रदेश हाउसिंग बोर्ड के चेयरमैन के तौर पर भी काम किया है।

टिकट मिलने पर आशुतोष ने पार्टी नेतृत्व का आभार जताया। उन्होंने कहा कि डॉ. नरोत्तम मिश्रा पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं और सब कुछ उन्हीं के मार्गदर्शन में होगा। डॉ. मिश्रा को टिकट न देने के फैसले के बाद उनके समर्थकों ने जबरदस्त विरोध-प्रदर्शन किया। इस कदम से नाराज लोगों ने NH-44 को जाम कर दिया, जिससे गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं और ट्रैफिक पूरी तरह ठप हो गया। देर रात होने के बावजूद वहाँ बड़ी संख्या में महिलाएँ और पुरुष मौजूद थे। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। इसके अलावा पुलिस पर पथराव भी किया गया। समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं ने टिकट चयन प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े किए हैं। कई पदाधिकारियों के अपने पदों से इस्तीफा देने की रिपोर्ट भी सामने आई है।

कल रात एक विरोध प्रदर्शन के दौरान BJP के एक कार्यकर्ता ने कहा कि पार्टी ने बहुत गलत फैसला लिया है। आशुतोष तिवारी को कोई नहीं जानता। दतिया के लोगों से उनका कोई लेना-देना नहीं है। मिश्रा इस बार 1 लाख वोटों के अंतर से जीतने वाले थे। जान-बूझकर ऐसे उम्मीदवार को मैदान में उतारा गया है जिसका दतिया में हारना तय है। एक अन्य समर्थक ने भी कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल को अपना निर्णंय बदलना ही होगा। मिश्रा के समर्थकों ने बाजार भी बंद कराने की कोशिश की। उन्होंने पार्टी ऑफिस पर भी ताला लगाने का भी प्रयास किया

पूरे घटनाक्रम पर दतिया के कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े ने बताया कि विरोध प्रदर्शन कल से ही चल रहा था, जिसके दौरान प्रदर्शनकारियों ने सड़क जाम कर दी थी। यह जाम शाम करीब 5.30 बजे शुरू हुआ और सुबह लगभग 5.00 बजे तक चला, यानी यह सिलसिला करीब 11-12 घंटे तक जारी रहा। इस रुकावट के कारण लगभग 20 किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया और जाम हटने के बाद भी फंसी हुई गाड़ियों को आगे बढ़ने में दो घंटे और लग गए। उन्होंने बताया कि स्थिति अब नियंत्रण में है। प्रशासन किसी भी तरह की और गड़बड़ी से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।

डॉ. नरोत्तम मिश्रा को मध्य प्रदेश के सबसे प्रभावशाली नेताओं में से एक माना जाता है। उन्होंने 1990 से 1993 और फिर 1998 से 2008 तक डबरा से विधायक के तौर पर काम किया। इसके अलावा, उन्होंने 2008 से 2023 के बीच लगातार तीन बार दतिया विधानसभा सीट जीती। गृह मंत्रालय के अलावा, उन्होंने मध्य प्रदेश में संसदीय कार्य, जल संसाधन, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, शहरी विकास, कानून और सूचना एवं जनसंपर्क जैसे विभागों की जिम्मेदारी भी संभाली है। हालांकि, अब इतने अनुभव और अहम मंत्रालयों को संभालने का ट्रैक रिकॉर्ड रखने वाले नेता मिश्रा की जगह किसी नए उम्मीदवार को टिकट दिया गया है।

बिहार से भी एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। बांकीपुर सीट के लिए नामांकन दाखिल करने वाले अभिषेक कुमार 'बंटी' ने अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली है। उनकी जगह अब नीरज कुमार सिन्हा को मैदान में उतारा गया है। अभिषेक कुमार ने निजी कारणों का हवाला देते हुए राज्य अध्यक्ष संजय सरावगी को पत्र सौंपकर बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव से अपना नाम वापस ले लिया है।

नए उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा ने कहा, हमें राष्ट्रीय नेतृत्व का आशीर्वाद प्राप्त है, जिसमें राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शामिल हैं। मैंने कभी नहीं सोचा था कि मुझ जैसा बूथ-स्तर का कार्यकर्ता इस मुकाम तक पहुँचेगा। इससे पता चलता है कि भारतीय जनता पार्टी अपने जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं के काम पर भी बारीकी से नजर रखती है और उनके समर्पण का सम्मान करती है।

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