इंडोनेशिया और ऑस्ट्रेलिया के बाद, भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब न्यूजीलैंड पहुंच गए हैं। वो 10 और 11 जुलाई को न्यूजीलैंड में रहेंगे। प्रधानमंत्री मोदी के पहुंचने पर, न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने उन्हें गले लगाकर स्वागत किया। इसकी कुछ तस्वीरें X पर शेयर करते हुए उन्होंने लिखा, "कुछ देर पहले ही ऑकलैंड पहुंचा हूँ। एयरपोर्ट पर स्वागत के लिए प्रधानमंत्री लक्सन का आभारी हूँ। यह दौरा ऐतिहासिक है, क्योंकि चार दशकों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री का न्यूजीलैंड का यह पहला दौरा है। मैं प्रधानमंत्री लक्सन के साथ बातचीत करने और भारत-न्यूजीलैंड दोस्ती के सभी पहलुओं पर चर्चा करने के लिए उत्सुक हूँ। कल मैं ऑकलैंड में एक सामुदायिक कार्यक्रम को भी संबोधित करूँगा।"
तीन देशों की यात्रा पर रवाना होने से पूर्व प्रधानमंत्री मोदी ने अपने बयान में कहा था कि, "मेरी न्यूजीलैंड यात्रा मार्च 2025 में प्रधानमंत्री लक्सन की भारत यात्रा के बाद हमारे द्विपक्षीय संबंधों में आई सकारात्मक मजबूती को और आगे बढ़ाएगी। अपनी यात्रा के दौरान मैं प्रधानमंत्री लक्सन के साथ आर्थिक, व्यापारिक और वाणिज्यिक संबंधों को और बेहतर बनाने पर चर्चा करूँगा। भारत और न्यूजीलैंड ने फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर करके द्विपक्षीय व्यापार और वाणिज्यिक संबंधों को मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता जताई है।"
इससे पहले, प्रधानमंत्री मोदी ने ऑस्ट्रेलिया में प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज के साथ द्विपक्षीय बैठक की। उन्होंने जॉइंट डिक्लेरेशन ऑन डिफेंस एंड सिक्योरिटी को-ऑपरेशन' की घोषणा की। इसके अलावा, दोनों नेता 'भारत-ऑस्ट्रेलिया समुद्री सुरक्षा सहयोग रोडमैप' के जरिए समुद्री सहयोग बढ़ाने पर सहमत हुए। ऑस्ट्रेलिया यात्रा से पहले, इंडोनेशिया में कृषि, आपदा प्रबंधन, मेडिकल प्रोडक्ट रेगुलेशन, अंतरिक्ष, तकनीक और खनिज जैसे क्षेत्रों में MoUs पर भी हस्ताक्षर किए गए थे। दोनों देशों ने समुद्री व्यापार, ब्लू इकोनॉमी और पोर्ट डेवलपमेंट में आपसी सहयोग को मजबूत करने का भी फैसला किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड का उनका दौरा भारत की 'एक्ट ईस्ट पॉलिसी', 'महासागर विजन' और मुक्त व खुले इंडो-पैसिफिक के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को और मजबूत करेगा।