पंजाब में अभी काफी राजनीतिक उथल-पुथल मची हुई है। राज्य में अगले साल फरवरी-मार्च में चुनाव होने हैं और पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PPCC) के भीतर गुटबाजी साफ तौर पर देखी जा सकती है। ताजा घटनाक्रम में, पूर्व मुख्यमंत्री और जालंधर से सांसद डॉ. चरणजीत सिंह चन्नी वाले गुट और AICC प्रभारी एवं छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की बैठक टल गई है। अब यह शनिवार, 11 जुलाई को सुबह 11.00 बजे आयोजित होने की उम्मीद है।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए PPCC अध्यक्ष और लुधियाना से सांसद अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने कहा कि भूपेश बघेल ने मुझे बताया कि कल एक बैठक तय की गई है। हालांकि मुझे जगह की जानकारी नहीं है। उन्होंने मुझसे कहा कि वे पहले अकेले में बात करेंगे और फिर हम चर्चा के लिए बैठेंगे। मुझे लगता है कि अगले एक-दो दिनों में आप सभी को एक ही मंच पर देखेंगे। मेरे मन में किसी के प्रति कोई द्वेष नहीं है, हम एकजुट होकर खड़े रहेंगे।
पूर्व कैबिनेट मंत्री और जालंधर कैंट से विधायक परगट सिंह भी कह चुके हैं कि मतभेद तो हमेशा होते हैं। भारतीय जनता पार्टी (BJP) या आम आदमी पार्टी (AAP) में ऐसा नहीं होता। वहाँ तो तानाशाही चलती है। हमारी पार्टी में हर व्यक्ति की आवाज की अहमियत है। हमारा सिस्टम अलग है और उस सिस्टम के तहत हाईकमान को जानकारी रहती है। हम बघेल साहब के सामने अपनी बात रखेंगे। उसके बाद हम सब मिलकर आगे बढ़ेंगे क्योंकि हमारे सामने बड़ा मकसद यह है कि हम पंजाब के साथ वैसा बर्ताव नहीं होने देंगे जैसा BJP और AAP कर रही हैं। हमारे अंदरूनी मुद्दे बहुत छोटे हैं। पंजाब का मुद्दा कहीं ज्यादा बड़ा है और हमें उसी पर काम करना है।
इस मामले में आम आदमी पार्टी के नेताओं द्वारा भी बयानबाजी हुई है। पंजाब सरकार में मंत्री और साहनेवाल से विधायक हरदीप सिंह मुंडियां ने कहा कि जिन लोगों को सत्ता की भूख है और जो हमेशा पंजाब को लूटना चाहते थे, उनकी सोच अभी भी वैसी ही है। कांग्रेस ने पहले भी पंजाब को लूटा है और अब फिर से लूटना चाहती है। पर पंजाब अब जाग गया है और खुद को लुटने नहीं देगा। आम आदमी पार्टी का हर कार्यकर्ता पंजाब के लिए एक स्वयंसेवक, एक रक्षक और एक सैनिक की तरह काम कर रहा है। चाहे अकाली दल हो या कांग्रेस, हम किसी को भी पंजाब को दोबारा लूटने नहीं देंगे। हम पंजाब के लोगों की सेवा कर रहे हैं और करते रहेंगे।
गौरतलब है कि यह पूरा मामला PPCC के सांगठनिक बदलावों के बाद शुरू हुआ। इन बदलावों के तहत, राजा वडिंग प्रदेश अध्यक्ष बने रहे और चन्नी को चुनाव प्रचार समिति का चेयरमैन बनाया गया।