गुलाबी शहर में भारतीय सेना ने दिखाया शौर्य, स्वदेशी हथियारों की गूंज

राजस्थान की राजधानी जयपुर के लिए आज का दिन बेहद खास रहा। पहली बार पिंक सिटी के नाम से मशहूर इस शहर ने 78वें सेना दिवस (Army Day) परेड की मेज़बानी की।

गुलाबी शहर में भारतीय सेना ने दिखाया शौर्य, स्वदेशी हथियारों की गूंज

आज ब्रह्मोस मिसाइल सिस्टम भी सबके आकर्षण का केंद्र रहा।

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Highlights

  • परेड में अर्जुन टैंक, ध्रुव हेलीकॉप्टर और पिनाका रॉकेट लॉन्चर जैसे स्वदेशी हथियारों ने सभी का ध्यान खींचा।
  • ब्रह्मोस मिसाइल सिस्टम, के-9 वज्र, धनुष आर्टिलरी गन और रोबोटिक कुत्ते भी परेड के प्रमुख आकर्षण रहे।
  • इस बार की परेड में पहली बार भैरव बटालियन के दस्तों को भी शामिल किया गया था।

राजस्थान की राजधानी जयपुर के लिए आज का दिन बेहद खास रहा। पहली बार पिंक सिटी के नाम से मशहूर इस शहर ने 78वें सेना दिवस (Army Day) परेड की मेज़बानी की। जगतपुरा के महल रोड पर आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में भारतीय सेना ने न सिर्फ अपना अनुशासन दिखाया, बल्कि यह भी संदेश दिया कि भारत रक्षा क्षेत्र में तेज़ी से आत्मनिर्भर बनता जा रहा है।

परेड से पहले थल सेनाध्यक्ष (Chief of the Army Staff) जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने हवलदार सुनील कुमार, सूबेदार मेजर पवन कुमार, लांस नायक सुभाष कुमार, लांस नायक प्रदीप कुमार और लांस नायक दिनेश कुमार को सेना पदक वीरता पुरस्कार (मरणोपरांत) प्रदान किए। इसके बाद पुरस्कार प्राप्त करने वाले परमवीर चक्र, अशोक चक्र, महावीर चक्र और कीर्ति चक्र विजेताओं के साथ परेड कमांडर ने सलामी ली। इस दौरान तीन चेतक हेलीकॉप्टरों ने परेड स्थल पर फूलों की पंखुड़ियां बरसाईं।

इस साल की परेड की सबसे खास बात रही “मेड इन इंडिया” हथियारों की दमदार मौजूदगी। अर्जुन टैंक, ध्रुव हेलीकॉप्टर और पिनाका रॉकेट लॉन्चर जैसे स्वदेशी हथियारों ने सभी का ध्यान खींचा। इसके अलावा ब्रह्मोस मिसाइल सिस्टम, के-9 वज्र, धनुष आर्टिलरी गन और रोबोटिक कुत्ते भी परेड के प्रमुख आकर्षण रहे। इस नज़ारे ने हर भारतीय को गर्व से भर दिया। भारतीय सेना ने साफ संदेश दिया कि अब देश की रक्षा के लिए विदेशी हथियारों पर निर्भरता कम हो रही है और स्वदेशी तकनीक व संसाधन हमारी ताकत बन रहे हैं।

इस बार की परेड में पहली बार भैरव बटालियन के दस्तों को भी शामिल किया गया। भैरव बटालियन में कुल 250 सैनिक होते हैं, जिन्हें बेहद कड़ी ट्रेनिंग के बाद चुना जाता है। फिलहाल इसकी 15 बटालियन सक्रिय हैं, जिन्हें भविष्य में बढ़ाकर 25 करने की योजना है। इस बार नेपाल आर्मी बैंड ने भी परेड में हिस्सा लिया था।

कार्यक्रम में राजस्थान के कालबेलिया और गैर नृत्य जैसे सांस्कृतिक प्रदर्शनों ने माहौल को और जीवंत बना दिया। परेड को देखने के लिए रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े, मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा, राज्य मंत्रिमंडल के सदस्य, सेना के वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे। सेना दिवस समारोह के तहत आज शाम जयपुर के एसएमएस स्टेडियम में शौर्य संध्या का आयोजन किया जाएगा, जिसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शामिल होंगे।

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