रिपोर्ट्स का दावा : अली खामेनेई के बेटे मुजतबा खामेनेई बने ईरान के नए सुप्रीम लीडर

मुजतबा खामेनेई 56 साल के हैं और ईरान में पर्दे के पीछे सेना व सुरक्षा तंत्र पर प्रभाव रखते हैं। अमेरिकी और इजराइली हमले में उनकी पत्नी, माँ और एक बेटे की मौत हुई। नए नेतृत्व की चुनौतियों में देश में आंतरिक शांति और स्थिरता बनाए रखना शामिल है।

रिपोर्ट्स का दावा : अली खामेनेई के बेटे मुजतबा खामेनेई बने ईरान के नए सुप्रीम लीडर

मुजतबा खामेनेई को एक कट्टरपंथी नेता माना जाता है।

Share:

Highlights

  • मुजतबा खामेनेई को ईरान का नया सुप्रीम लीडर चुना गया है।
  • उनके पिता अली खामेनेई की अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हमले में मौत हो गई थी।
  • नई नियुक्ति वंशानुगत शासन विवाद और तनाव को बढ़ा सकती है।

ईरान की राजनीति में इस समय हलचल मची हुई है। हाल ही की रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे मुजतबा खामेनेई को ईरान का नया सुप्रीम लीडर चुना गया है। यह फैसला ईरान की असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स ने लिया है, जो देश के सबसे बड़े नेता को चुनने का काम करती है। बताया जा रहा है कि यह चुनाव ईरान की शक्तिशाली सेना रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के दबाव में किया गया है। दरअसल, 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के बड़े हमले में अली खामेनेई की मौत हो गई थी। उनके जाने के बाद से ही यह सवाल उठ रहे थे कि अब ईरान की कमान किसके हाथों में होगी। मिडिल ईस्ट में लगातार बिगड़ते हालात को देखते हुए मुजतबा को कमान सौंपने का फैसला किया गया है। माना जा रहा है कि इससे स्थानीय प्रशासन की सत्ता पर पकड़ बनी रहेगी।

मुजतबा खामेनेई, अली खामेनेई के दूसरे बेटे हैं और उनकी उम्र लगभग 56 साल है। हालांकि वे सार्वजनिक रूप से कम ही दिखाई देते हैं और उन्होंने कोई सरकारी पद नहीं संभाला है, लेकिन पर्दे के पीछे उनका काफी प्रभाव रहा है। उन्हें ईरान की सेना और सुरक्षा तंत्र का करीबी माना जाता है। उन्होंने ईरान-इराक युद्ध के दौरान सेना में काम भी किया था। ईरानी सरकार के मुताबिक, अमेरिकी और इजरायली हमलों में उनकी पत्नी, माँ और एक बेटे की मौत हो चुकी है। यह भी खबरें सामने आई थी कि 1 मार्च को तेहरान में एक संयुक्त अमेरिकी और इजरायली एयरस्ट्राइक में मुजतबा खामेनेई मारे जा चुके हैं।

मुजतबा की पदोन्नति विवाद का कारण बन सकती है। ईरान के इस्लामिक गणराज्य ने शुरुआत से खुद को राजशाही और वंशानुगत शासन के खिलाफ बताया है। ऐसे में पिता के बाद बेटे का गद्दी पर बैठना आम लोगों और कुछ धार्मिक नेताओं में नाराजगी भी पैदा कर सकता है। फिलहाल, मिडिल ईस्ट के हालात बहुत नाजुक हैं। एक तरफ ईरान अपने पुराने नेता की मौत का बदला लेने की बात कर रहा है, तो दूसरी तरफ नए नेतृत्व के सामने देश की आंतरिक शांति और स्थिरता बनाए रखने की बड़ी चुनौती है। मुजतबा को एक कट्टरपंथी नेता माना जाता है, इसलिए आने वाले समय में ईरान और पश्चिमी देशों के रिश्ते और भी खराब हो सकते हैं।

रिलेटेड टॉपिक्स