झारखंड के रांची में विभिन्न परीक्षाओं में गड़बड़ियों को लेकर छात्रों का विरोध प्रदर्शन अब 20वें दिन में प्रवेश कर चुका है। छात्र अब भी अपनी मांगों को लेकर अड़े हुए हैं। भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों का अनशन अब भी जारी है। इन सभी प्रदर्शनकारियों के स्वास्थ्य की जांच हेतु आज एक मेडिकल टीम भी प्रदर्शन स्थल पर पहुंची थी।
भूख हड़ताल पर बैठे एक प्रदर्शनकारी प्रेम ने कहा कि, आज मेरी भूख हड़ताल का 11वां दिन है और हमारे कुल प्रदर्शन का 20वां दिन। हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं। डॉक्टर मुझे भूख हड़ताल खत्म करने की सलाह दे रहे हैं, लेकिन चूंकि सरकार हमारी मांगें नहीं मान रही है, इसलिए हड़ताल में शामिल हम सभी लोगों ने, जिनमें भूख हड़ताल करने वाले भी शामिल हैं, इसे जारी रखने का फैसला किया है।
हमें लगता है कि ऐसे हालात में जिन्दा रहने का कोई मतलब नहीं है। हमने डॉक्टरों से कह दिया है कि जब तक सरकार हमारी मांगें पूरी नहीं करती, हम भूख हड़ताल जारी रखेंगे। कल रात प्रशासन हमसे मिलने आया था और हमें उनके रवैये में थोड़ी नरमी दिखी। हालांकि, प्रशासन अब भी हमें किसी तरह हटाना चाहता है और डॉक्टर भी यही चाहते हैं। सरकार ने साफ कर दिया है कि हमें किसी भी तरह से हटाना ही होगा।
एक छात्र नेता रवींद्र ने बताया कि, हम स्वतंत्रता दिवस की तैयारी कर रहे हैं और एक भव्य तिरंगा यात्रा की योजना बना रहे हैं। जब से हम यहां आए हैं, हम कई तरह के कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं और हर कार्यक्रम के जरिए यह संदेश दिया जा रहा है कि यहां के छात्र पढ़े-लिखे और जागरूक हैं। इससे पहले, हमने सरकार को यह दिखाने के लिए एक मौन मार्च निकाला था कि नारेबाजी और शोर-शराबे के बाद, अब हम शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं।
इस पूरे मामले में झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और ओडिशा के पूर्व राज्यपाल रघुबर दास ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि सिर्फ छात्र ही नहीं, झारखंड के लोग भी परेशान हैं। प्रदेश का हर माता-पिता सरकार से नाराज है। पिछले 6 सालों में सरकार युवाओं के साथ खिलवाड़ कर रही है, जो राज्य का भविष्य हैं। झारखंड के लोग सरकार से बहुत नाराज हैं। आप जमीन पर यह गुस्सा देख सकते हैं। पूरे देश ने 10 तारीख को विधानसभा चलो मार्च देखा। उनकी सरकार से अपील है कि बिना किसी देरी के छात्रों की तीनों मांगों पर ध्यान दिया जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि मैं भी एक आंदोलनकारी हूं और मैंने भी आंदोलनों के जरिए राजनीति में प्रवेश किया है। इसलिए मैं प्रदर्शन कर रहे लोगों और छात्रों का दर्द समझता हूं। इसी वजह से मैंने सरकार को अल्टीमेटम दिया है। अगर एक सप्ताह के भीतर छात्रों की मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो मैं भगवान बिरसा मुंडा के स्मारक पर भूख हड़ताल पर बैठूंगा। छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो, जो इस समय रांची के सदर अस्पताल में भर्ती हैं, ने वहां के सिविल सर्जन को एक पत्र लिखा है, जिसमें देवेंद्र ने उनसे प्रदर्शन स्थल पर जाने की अनुमति मांगी है।
X पर एक पोस्ट में उन्होंने लिखा, “सत्याग्रह स्थल जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम, रांची जाने की अनुमति हेतु सदर अस्पताल के सिविल सर्जन महोदय को लिखा पत्र। मेरा शरीर अस्पताल के बिस्तर पर उपचाररत है, लेकिन मेरी आत्मा और संकल्प सत्याग्रह स्थल पर है, जहां छात्र-युवा अपने भविष्य के लिए न्यायिक संघर्ष कर रहे हैं। अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के 11वें दिन सदर अस्पताल में जारी है।” देवेंद्र ने पत्र की एक तस्वीर भी साझा की है। बता दें कि देवेंद्र से अस्पताल में मिलने रघुबर दास और झारखंड की कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की भी पहुंचे थे।