लोकसभा में आज लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधित विधेयक, 2026 पर बहस शुरू हो गई है। सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों ही तरफ के नेता अपनी-अपनी बातें रख रहे हैं। इस बिल पर अपनी बात रखते हुए, लोकसभा में विपक्ष के उपनेता और जोरहाट से कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने आरोप लगाया कि यह सरकार शिक्षा के क्षेत्र को लेकर गंभीर नहीं है और इसमें सुधार लाने का उसका कोई इरादा नहीं है। यह बिल सिर्फ एक दिखावा है। ऐसा ही एक बिल दो साल पहले भी लाया गया था।
पेपर लीक केस: गौरव गोगोई बोले, 45 में से 44 आरोपी जमानत पर बाहर
NEET-UG 2024 पेपर लीक की जांच की स्थिति पर नजर डालेंगे, तो पता चल जाएगा कि सरकार NEET परीक्षा से जुड़ी भारी गड़बड़ियों को लेकर कितनी गंभीर है। यह देखना बहुत निराशाजनक है कि एक अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, NEET-UG 2024 पेपर लीक मामले में जिन 45 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दायर की गई थी, उनमें से 44 को पहले ही जमानत मिल चुकी है। आज इस बिल को लाने के पीछे जो मंशा है, उसे देखते हुए यह एक बार फिर नाकाम ही होगा। यह कानून आपकी नाकामी का सबूत है।
गौरव ने कहा, इंस्टाग्राम रील्स पर एक्टिव हैं प्रधानमंत्री
गौरव ने कल संसद भवन परिसर में पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के स्वागत का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जब प्रधान इस्तीफा देने के बाद सदन में लौटे, तो उनका स्वागत ऐसे किया गया जैसे वे पाकिस्तान के खिलाफ कोई जंग जीतकर लौटे हों। गौरव ने ये भी बताया कि आजकल प्रधानमंत्री इंस्टाग्राम रील्स में नजर आते हैं। कैबिनेट की पहली बैठक में, शिक्षा को बेहतर बनाने और पेपर सेट करने, पेपर हल करने और टेस्टिंग सेंटर चलाने वाले माफियाओं को खत्म करने पर विस्तार से चर्चा करने के बजाय, प्रधानमंत्री मोदी ने बस इंस्टाग्राम पर ज्यादा ध्यान देने की बात कही।
प्रधानमंत्री मोदी संवेदनशील और सरकार जिम्मेदार: बांसुरी स्वराज
नई दिल्ली से लोकसभा सांसद और BJP नेता बांसुरी स्वराज ने भी बिल पर अपने विचार बताए। उन्होंने कहा, "मैं पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) अमेंडमेंट बिल का समर्थन करती हूं। यह एक बड़ा बदलाव लाने वाला अमेंडमेंट है। यह न सिर्फ जरूरी है, बल्कि समय की मांग भी है।
इस अमेंडमेंट को लाना दिखाता है कि प्रधानमंत्री मोदी कितने संवेदनशील हैं और उनकी सरकार कितनी जिम्मेदार है। जब किसी कॉम्पिटिटिव एग्जाम से कॉम्प्रोमाइज किया जाता है, तो इसका असर सिर्फ उस छात्र तक ही सीमित नहीं रहता जिसका भविष्य दांव पर लगा होता है। इस संशोधन से सजा और भी सख्त होगी। प्रधानमंत्री मोदी यह पक्का कर रहे हैं कि छात्र एग्जाम वरियर्स (Exam Worriers) से एग्जाम वॉरियर्स (Exam Warriors) बनें।"
अखिलेश का तंज, एक 'प्रधान' हटाकर 'प्रधानमंत्री' को बचाया
लोकसभा में बोलते हुए, उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी (SP) के प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि जब पूर्व शिक्षा मंत्री संसद पहुँचे, तो सदन के बाहर उनका स्वागत किया गया। जरा सोचिए कि सदस्यों को कितनी बड़ी राहत मिली होगी और वे किस बड़े संकट से बच गए। एक 'प्रधान' को हटाकर, आपने असल में 'प्रधानमंत्री' को बचा लिया।
अखिलेश का आरोप, भाजपा सरकार सिर्फ जुमले देती है, भरोसा नहीं
अखिलेश ने इस दौरान अयोध्या के श्री राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने तंज कसा कि जो चढ़ावे की चोरी नहीं रोक सकते, वे पेपर लीक क्या रोकेंगे? उन्होंने सिर्फ मौजूदा कानून में संशोधन किया है। वे किसे बेवकूफ बना रहे हैं? अगर कानून असरदार होता, तो भाजपा के दस साल के कार्यकाल में 20 परीक्षाओं के प्रश्न पत्र लीक कैसे होते? अखिलेश ने आरोप लगाया कि, "भाजपा सरकार सिर्फ जुमले देती है, भरोसा नहीं। आशा है कि युवाओं से किए गए सभी वादे पूरे किए जाएंगे।"