जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले से बहुत दुखद खबर सामने आई है। वहाँ एक ईंट भट्ठे पर हुए आतंकी हमले में छत्तीसगढ़ के दो मजदूरों की मौत हो गई। स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि आतंकियों ने शुक्रवार देर शाम दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले के किलाम इलाके में एक ईंट भट्ठे पर इन दो मजदूरों को निशाना बनाया। दोनों मृतकों की पहचान दीपक और भूपिंदर के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, दीपक की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि गंभीर रूप से घायल भूपिंदर को बचाने की तमाम कोशिशों के बावजूद आज उनकी मृत्यु हो गई।
रिपोर्ट्स की मानें तो, लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के प्रॉक्सी संगठन, द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने इस आतंकी हमले की जिम्मेदारी ली है। अप्रैल 2025 में पहलगाम में हुए आतंकी हमले की तरह ही, आतंकियों ने दोनों मजदूरों के नाम/धर्म पूछने के बाद उन्हें गोली मार दी। हमले के बाद सुरक्षा बलों ने किलाम इलाके की घेराबंदी कर दी है। साथ ही, सुरक्षा कर्मियों ने घटना की जांच शुरू कर दी है और सुरक्षा इंतजाम कड़े कर दिए गए हैं। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कुलगाम में हुई हत्या की कड़ी निंदा की है और बेगुनाह लोगों की जान जाने पर गहरा दुख जताया है।
उन्होंने मुख्यमंत्री राहत कोष से मृतकों के परिवारों को 10-10 लाख रूपए का मुआवजा देने की घोषणा की। यह राशि जिला प्रशासन द्वारा दी गई 6-6 लाख रूपए की तत्काल सहायता के अतिरिक्त है। मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और उन्हें भरोसा दिलाया कि सरकार इस मुश्किल समय में उनके साथ मजबूती से खड़ी है। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने भी कल एक ट्वीट में अपनी प्रतिक्रिया दी थी।
उन्होंने लिखा कि, "कुलगाम में हुए बर्बर आतंकवादी हमले के बाद मैंने DGP नलिन प्रभात और सुरक्षा के शीर्ष अधिकारियों से बात की। मैं इस कायरतापूर्ण हरकत की कड़ी निंदा करता हूँ। मैंने सुरक्षा बलों को अपने ऑपरेशन तेज करने और आतंकवादियों को खत्म करने का निर्देश दिया है। J&K पुलिस और सुरक्षा बलों ने इलाके की घेराबंदी कर दी है और दोषियों को सजा दिलाने के लिए ऑपरेशन शुरू कर दिया है। पीड़ित परिवार के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएँ हैं और मैं घायलों के जल्द ठीक होने की प्रार्थना कर रहा हूँ। J&K प्रशासन और पूरा देश इन परिवारों के साथ खड़ा है।"