राष्ट्रीय राजनीति से एक बड़ी खबर सामने आई है। केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज लोकसभा में सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पेश किया कर दिया है। इस बिल पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) की ओर से तेजस्वी सूर्या एवं बांसुरी स्वराज बोलेंगे।
वहीं नेशनल डेमोक्रेटिक अलायन्स (NDA) की ओर से बोलने वाले नेताओं में नेशनलिस्ट सिटीजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) की मिताली बाग एवं शर्मीला सरकार, तेलुगु देशम पार्टी (TDP) के लावु श्री कृष्ण देवरायलू, शिवसेना (SS) के डॉ. श्रीकांत शिंदे, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के सुनील तटकरे, अपना दल-सोनेलाल (AD-S) की अनुप्रिया पटेल, लोक जनशक्ति पार्टी-राम विलास (LJP-RV) के अरूण भारती और जनता दल-यूनाइटेड (JD-U) के आलोक कुमार सुमन भी शामिल हैं।
इस बिल का उद्देश्य 'सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024' में संशोधन करके परीक्षाओं में होने वाली धांधली को रोकने के लिए कानूनी ढांचे को और अधिक सख्त बनाना है। इस बिल के मुख्य प्रावधानों में 10 साल तक की सजा, 10 करोड़ रूपए तक का जुर्माना और तीन महीने में अदालती फैसला सुनिश्चित करने की व्यवस्था शामिल है।
हालांकि, नए बिल पर चर्चा शुरू होने से पहले ही विपक्ष के हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। इस बिल पर केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि आज देश भर के छात्रों की चिंताओं को देखते हुए, पेपर लीक जैसी समस्याओं से निपटने के लिए लोकसभा में एक अहम बिल पेश किया जा रहा है।
हालांकि, कांग्रेस पार्टी और विपक्ष के कुछ सदस्य इस पर चर्चा करने से इनकार कर रहे हैं। इसके बजाय, वे हंगामा कर रहे हैं। रिजिजू ने उनसे प्रधानमंत्री के आज के बड़े फैसले पर गौर करने की अपील की। परीक्षा प्रणाली को सुधारने के लिए कदम उठाए गए हैं, एक टास्क फोर्स बनाई गई है और सिस्टम को बदलने तथा भविष्य में पेपर लीक रोकने के लिए एक क्रांतिकारी बिल लाया गया है। पेपर लीक में शामिल लोगों के लिए सख्त और समय पर सजा का प्रावधान किया गया है।