पूर्णिया से लोकसभा सांसद पप्पू यादव अक्सर किसी न किसी कारण से सोशल मीडिया और न्यूज रिपोर्ट्स में सुर्खियां बटोरते रहते हैं। आज उन्होंने एक बार फिर ऐसा काम किया है, जिससे सोशल मीडिया पर हलचल मच गई है। अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मुद्दे को उठाने के लिए, उन्होंने संसद भवन परिसर में दान पेटी लेकर प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन के दौरान उन्होंने एक हिंदू साधु का वेश धारण किया हुआ था।
जब समाजवादी पार्टी (SP) के कुछ सांसदों ने दान पेटी में चढ़ावा डालना शुरू किया, तो पप्पू यादव ने मजाक-मजाक में पैसे छीनकर अपनी जेब में रख लिए। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भी दान पेटी में पैसे डाले। थोड़ी देर बाद, पप्पू यादव दान पेटी लेकर भागने का नाटक करने लगे, लेकिन SP सांसदों ने उन्हें पकड़ लिया और पेटी वापस छीन ली। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसके बाद पप्पू यादव ने मजाकिया अंदाज में कहा, "मैंने सोचा था कि मैं पैसे लेकर भाग जाऊँगा, लेकिन SP के सांसदों ने मुझे पकड़ लिया। अब वे कह रहे हैं कि वे मुझे फाँसी पर लटका देंगे।"
इस तरह के विरोध प्रदर्शन के बाद सोशल मीडिया पर अलग-अलग रिएक्शंस सामने आए हैं। लोगों का कहना है कि पूरे मामले की जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए, लेकिन साधु-संतों का वेश धारण करके उनका मजाक उड़ाना गलत है। राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन किसी धर्म, संत या आस्था का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। हिंदू संतों का मजाक उड़ाने के बजाय, विपक्ष को असल मुद्दे पर सवाल उठाने चाहिए।
इस मामले में कई साधु-संतों की ओर से भी कड़ी प्रतिक्रियाएं आई हैं। हनुमानगढ़ी मंदिर के महंत राजू दास ने कहा कि आज संसद में एक बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण घटना देखने को मिली। क्या लोकतंत्र और लोकतांत्रिक व्यवस्था में चुने हुए सांसदों को ऐसा व्यवहार करना चाहिए? क्या सनातन का इस तरह अपमान करना स्वीकार्य है? राहुल गांधी हंस रहे थे। इस दौरान समाजवादी पार्टी के नेता, अयोध्या के तथाकथित सांसद और कई अन्य नेता भगवा वस्त्र पहने संतों के कॉलर पकड़ रहे थे और उन्हें खींच रहे थे। भारतीय जनता पार्टी (BJP) सांसद साक्षी महाराज ने कहा कि उन्होंने भगवा का अपमान किया है। इसीलिए उन्हें सदन में 'कालनेमि' कहकर भी बुलाया जाता है।
BJP जम्मू-कश्मीर के प्रवक्ता अभिजीत जसरोटिया ने भी एक बयान जारी करते हुए कहा, चाहे पप्पू यादव हों या कोई और पप्पू, जहाँ तक मैं समझता हूँ, उनकी सोच हमेशा सनातन और हिंदुओं के खिलाफ रही है। मैं उनसे एक बात पूछना चाहता हूँ। इन सब से आपका क्या लेना-देना है? यह हमारा घर और हमारा मंदिर है। हम तय करेंगे कि क्या होगा और क्या नहीं। आप कौन हैं? आपके लिए भगवान राम काल्पनिक हैं। आपके लिए राम सेतु जैसा पुल कभी अस्तित्व में ही नहीं था। आप जानते हैं कि हमारे खिलाफ जिस तरह की अभद्र भाषा का आप इस्तेमाल करते हैं, उसके बाद आपको सनातन के बारे में बात करने का कोई अधिकार नहीं है।