भारत के सबसे बड़े कारोबारियों में से एक गौतम अडानी अब विमान निर्माण के क्षेत्र में भी कदम रखने की तैयारी कर रहे हैं। खबरों के मुताबिक, अडानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस (Adani Defence & Aerospace) ने ब्राज़ील की कंपनी एम्ब्रेयर (Embraer) के साथ एक Memorandum of Understanding (MoU) साइन किया है। इसका उद्देश्य भारत में रीजनल जेट विमानों की फाइनल असेंबली लाइन स्थापित करना है। एम्ब्रेयर बोइंग (Boeing) और एयरबस (Airbus) के बाद दुनियाभर में सिविल एयरक्राफ्ट बनाने वाली तीसरी सबसे बड़ी कंपनी है। जानकारी के लिए बता दें कि एम्ब्रेयर ऐसे जेट्स बनाता है जिनमें 70 से 150 यात्री बैठकर सफर सकते हैं।
अगर ये योजना आगे बढ़ती है, तो भारत में पहली बार कमर्शियल रीजनल जेट विमानों की असेंबली हो सकेगी। अब तक भारत अपने ज़रूरत के अधिकतर यात्री विमानों के लिए बोइंग और एयरबस जैसी विदेशी कंपनियों पर ही निर्भर रहा है। ये साझेदारी भारत के एविएशन सेक्टर के लिए एक अहम शुरूआत मानी जा रही है। रीजनल जेट्स छोटी और मध्यम दूरी की फ्लाइट्स के लिए बनाए जाते हैं। ये विमान छोटे शहरों और कम यात्री संख्या वाले रूट्स पर उड़ान भरने के लिए उपयुक्त होते हैं। भारत सरकार की "उड़े देश का आम नागरिक" (UDAN) योजना के तहत क्षेत्रीय हवाई कनेक्टिविटी पर ज़ोर दिया जा रहा है और ऐसे विमान इस योजना में मददगार साबित हो सकते हैं।
ये समझौता मेक इन इंडिया (Make in India) और आत्मनिर्भर भारत पहल की दिशा में भी एक बड़ा कदम माना जा रहा है। अगर ये प्रोजेक्ट आगे बढ़ता है तो इससे रोज़गार के नए मौके, विमान पुर्जों की सप्लाई और मेंटेनेंस से जुड़ा काम भारत में बढ़ सकता है, जिससे विदेशी निर्भरता कम होगी। अगर ये साझेदारी पूरी तरह लागू होती है तो भारत भविष्य में ग्लोबल एविएशन मैन्युफैक्चरिंग हब बनने की दिशा में बहुत आगे निकल सकता है।