असम में बाढ़ की स्थिति में सुधार के संकेत दिखे हैं और कई प्रभावित इलाकों में बाढ़ का पानी कम हो रहा है, लेकिन संकट अभी भी बना हुआ है क्योंकि बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 89 हो गई है। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) की जानकारी के अनुसार, प्रदेश के 10 जिलों में 1,22,137 लोग प्रभावित हुए हैं। इनमें जोरहाट, धेमाजी, शिवसागर, चराइदेव, गोलाघाट, डिब्रूगढ़ और कामरूप मेट्रोपॉलिटन जैसे जिले शामिल हैं। बाढ़ के कारण असम में 15,342.92 हेक्टेयर फसल क्षेत्र प्रभावित हुआ है।
मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा द्वारा किए गए एक X पोस्ट के अनुसार, वर्तमान में 74,473 लोग राहत शिविरों में रह रहे हैं। आज, केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जे.पी. नड्डा और मुख्यमंत्री सरमा ने शिवसागर जिले के बिहुबोर नेपाली खुटी में बाढ़ से प्रभावित इलाकों का दौरा किया और स्थानीय लोगों से बातचीत की। जेपी नड्डा ने कहा कि यहां के गांवों में बहुत तबाही हुई है। सामान, मवेशियों और संपत्ति का नुकसान हुआ है। काफी संख्या में लोगों को भारी क्षति हुई है।
उन्होंने कहा, "दुख की इस घड़ी में हम सब आपके साथ हैं। भारत सरकार आपके साथ है।" मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर इस आपदा से प्रभावित लोगों को हर संभव मदद देंगी और पुनर्वास व राहत कार्यों में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।
उन्होंने X पर एक वीडियो साझा करते हुए लिखा, "माननीय केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा जी, जो असम बाढ़ के प्रभाव का जायजा लेने के लिए मौके पर मौजूद हैं, उन्होंने आदरणीय नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व वाली भारत सरकार की ओर से भरोसा दिलाया है कि केंद्र सरकार इस संकट से निपटने और उचित पुनर्वास के उपाय सुनिश्चित करने में असम को पूरा सहयोग देगी।"
सरमा ने आगे बताया, "आदरणीय प्रधानमंत्री जी स्थिति पर बारीकी से नजर रखे हुए हैं और अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय दल ने नुकसान का व्यापक आकलन भी कर लिया है। हम असम बाढ़ राहत कार्य में भरपूर सहयोग के लिए केंद्र सरकार के आभारी हैं।"