BMC में सत्ता का नया अध्याय : 30 साल बाद भाजपा की मेयर, रितु तावड़े बनीं उम्मीदवार

भाजपा की रितु तावड़े मेयर और संजय शंकर घाड़ी डिप्टी मेयर पद के उम्मीदवार बनें।

BMC में सत्ता का नया अध्याय : 30 साल बाद भाजपा की मेयर, रितु तावड़े बनीं उम्मीदवार

भाजपा की रितु तावड़े मेयर पद की उम्मीदवार बनीं।

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Highlights

  • 30 साल बाद मुंबई को शिवसेना के बाहर का मेयर मिलने जा रहा है, भाजपा की रितु तावड़े उम्मीदवार बनीं।
  • महायुति के पावर-शेयरिंग फॉर्मूले के तहत डिप्टी मेयर पद के लिए संजय शंकर घाड़ी चुने गए।
  • 11 फरवरी को BMC मुख्यालय में मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव होगा।

बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) में लंबे समय से चल रही सियासी हलचल अब एक फैसले पर आकर रूक गई है। महायुति गठबंधन ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की वरिष्ठ नेता रितु तावड़े को मुंबई मेयर पद के लिए अपना उम्मीदवार घोषित किया है। वहीं गठबंधन के तहत शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) ने संजय शंकर घाड़ी को डिप्टी मेयर पद का उम्मीदवार बनाया है। हाल ही में हुए BMC चुनावों में भाजपा ही सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी, जिसके बाद से ही ये कयास लगाए जा रहे थे कि इस बार मेयर पद पर भाजपा का ही चेहरा सामने आएगा। ये फैसला इसलिए भी खास है, क्योंकि करीब तीन दशकों के बाद मुंबई को ऐसा मेयर मिलने जा रहा है, जो संयुक्त शिवसेना या शिवसेना (ठाकरे गुट) से नहीं है। मेयर चुनाव 11 फरवरी को BMC मुख्यालय में आयोजित किया जाएगा। 

रितु तावड़े काफी समय से राजनीति में सक्रिय हैं और इस बार घाटकोपर के वार्ड 132 से पार्षद हैं। वो पहली बार 2012 में वार्ड 127 से चुनी गईं। बाद में 2017 में उन्होंने घाटकोपर के वार्ड 121 का प्रतिनिधित्व किया था। रितु तावड़े को नगरपालिका प्रशासन का व्यापक अनुभव प्राप्त है। वो BMC की शिक्षा समिति की अध्यक्ष भी रह चुकी हैं। उनकी खासियत यह है कि मराठा होने के बावजूद वे घाटकोपर जैसे गुजराती बहुल क्षेत्र से चुनाव जीतती आ रही हैं। भाजपा ने उन्हें मेयर पद का उम्मीदवार बनाकर एक अनुभवी और संगठन से जुड़े चेहरे पर भरोसा जताया है। रितु तावड़े ने इसे एक ऐतिहासिक क्षण बताया और मुंबई निवासियों की सेवा का संकल्प लिया। महायुति के पावर-शेयरिंग फॉर्मूले के तहत डिप्टी मेयर का पद शिवसेना (शिंदे गुट) को दिया गया है। इसके लिए अशोकवन-चिंतामणि नगर से पार्षद संजय शंकर घाड़ी को उम्मीदवार बनाया गया है।

करीब 9 साल के लंबे अंतराल के बाद 14 जनवरी को सबसे अमीर नगरपालिका के रूप में मशहूर BMC की 227 सीटों के लिए वोटिंग की गई थी और 15 जनवरी को नतीजे भी घोषित कर दिए गए थे। इसमें भाजपा ने 89 और शिवसेना (शिंदे गुट) ने 29 सीटों पर जीत दर्ज की थी। इसके अलावा शिवसेना (ठाकरे गुट) ने 65, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने 7 और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) ने मात्र 1 सीट पर विजय हासिल की थी। अन्य दलों की बात करें तो कांग्रेस ने 24, AIMIM ने 8, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) ने 3 और समाजवादी पार्टी ने 2 सीटों पर कब्जा जमाया था। अब इस नए नेतृत्व के सामने मुंबई के स्थानीय मुद्दों को सुधारने की बड़ी चुनौती होगी। देखने वाली बात होगी कि कैसे वो इन सभी समस्याओं का समाधान करते है।

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