UPI से संस्कृति तक, प्रधानमंत्री मोदी ने भारत-मलेशिया रिश्तों को दी नई दिशा

आज भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुआलालंपुर (Kuala Lumpur) में प्रवासी भारतीयों को संबोधित किया।

UPI से संस्कृति तक, प्रधानमंत्री मोदी ने भारत-मलेशिया रिश्तों को दी नई दिशा

मलेशियन पीएम इब्राहिम भारत के प्रधानमंत्री मोदी को अपनी कार से कार्यक्रम स्थल तक लेकर आए।

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Highlights

  • मलेशिया में UPI लॉन्च की तैयारी, भारतीयों के लिए डिजिटल पेमेंट होगा और आसान।
  • प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की आर्थिक, डिजिटल और स्टार्टअप ताकत का किया जिक्र।
  • भारत-मलेशिया दोस्ती और सांस्कृतिक विरासत को और मजबूत करने का संदेश।

मलेशिया में भारतीय समुदाय के लिए 7 फरवरी का दिन बेहद खास रहा, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुआलालंपुर (Kuala Lumpur) में प्रवासी भारतीयों को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने एक अहम घोषणा करते हुए कहा कि भारत के डिजिटल पेमेंट सिस्टम यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) को मलेशिया में शुरू करने पर काम चल रहा है और जल्द ही इसे यहां लागू करने की योजना है। इससे मलेशिया की यात्रा करने वाले भारतीयों और वहां रहने वाले प्रवासियों के लिए डिजिटल लेन-देन पहले से कहीं अधिक आसान और सुरक्षित होने की उम्मीद है।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा, “जब हम 2015 में मिले थे, तब मैंने आपसे भारत की संभावनाओं के बारे में बात की थी। आज मैं आपसे बीते एक दशक में भारत के प्रदर्शन के बारे में बात कर रहा हूँ। तब भारत विश्व की 11वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था था, आज हम टॉप-3 अर्थव्यवस्थाओं के बेहद करीब हैं। तब ‘मेक इन इंडिया’ एक नया पौधा था, आज भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल निर्माता है। 2014 से हमारे डिफेंस एक्सपोर्ट्स में लगभग 30 गुना वृद्धि हुई है। भारत आज विश्व का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्ट-अप हब भी बन चुका है। हमने दुनिया का सबसे बड़ा डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और सबसे मजबूत फिनटेक इकोसिस्टम तैयार किया है। दुनिया के लगभग आधे रियल-टाइम डिजिटल लेन-देन भारत में होते हैं और यह सब हमारे UPI प्लेटफॉर्म की बदौलत संभव हुआ है।”

उन्होंने मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम का आभार जताते हुए कहा, “सबसे पहले मैं अपने प्रिय मित्र अनवर इब्राहिम को इस सामुदायिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए धन्यवाद देता हूँ। भारत-मलेशिया मित्रता और भविष्य की संभावनाओं पर उनके सराहनीय शब्दों के लिए भी मैं उनका आभारी हूँ। इतना ही नहीं, वे मुझे एयरपोर्ट पर स्वयं लेने आए और अपनी कार में यहां तक लाए। यह विशेष भाव भारत और आप सभी के प्रति उनके प्रेम और सम्मान को दर्शाता है।”

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “मलेशिया में दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा भारतीय मूल का समुदाय रहता है। भारतीय और मलेशियाई लोगों के दिलों को जोड़ने वाली कई साझा बातें हैं। मलेशिया में रहने वाले तमिळ प्रवासी विभिन्न क्षेत्रों में समाज की सेवा कर रहे हैं। वास्तव में, तमिळ​ प्रवासी यहां कई सदियों से रह रहे हैं। इसी ऐतिहासिक विरासत से प्रेरित होकर मलाया विश्वविद्यालय में तिरुवल्लुवर चेयर की स्थापना की गई है। अब हम अपनी साझा सांस्कृतिक विरासत को और मजबूत करने के लिए एक तिरुवल्लुवर केंद्र भी स्थापित करेंगे।”

उन्होंने आगे कहा, “मैं इस अवसर पर मलेशिया के नेताजी सेवा केंद्र और नेताजी कल्याण फाउंडेशन के प्रयासों को भी नमन करता हूँ। भारतीय परंपराओं को संरक्षित रखने का आपका योगदान वास्तव में सराहनीय है। हाल ही में मुझे बताया गया कि मलेशिया में 500 से अधिक स्कूलों में भारतीय भाषाओं में शिक्षा दी जा रही है, जिसका उल्लेख मैंने ‘"मन की बात" कार्यक्रम में भी किया था।”

प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा, “हम एक-दूसरे की सफलता का जश्न मनाते हैं। प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम द्वारा चंद्रयान-3 की सफलता पर दी गई शुभकामनियों ने मुझे अत्यंत भावुक कर दिया। भारत की सफलता, मलेशिया की सफलता है। यह एशिया की सफलता है। भारत-मलेशिया साझेदारी सामूहिक परिवर्तन और साझा प्रगति को आगे बढ़ा रही है।”

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