अग्निवीरों को 2 साल की अतिरिक्त सेवा का मौका, फिर नियमित सैनिक बनने का मिलेगा अवसर

अग्निवीरों का पहला बैच अब अपना चार साल का कार्यकाल पूरा करने के करीब है। इन चार वर्षों में किए गए प्रदर्शन मूल्यांकन के आधार पर, हमें उनके काम को लेकर बहुत सकारात्मक फीडबैक मिला है। मेरिट के आधार पर 25% अग्निवीरों को नियमित बलों में शामिल किया जाना है। पहले, 75% अग्निवीरों के लिए यह प्रावधान था कि वे अनुशासित और प्रेरित युवाओं के रूप में वापस समाज में लौटेंगे। हालाँकि, इस अपडेट की गई योजना के तहत, बाकी 75% अग्निवीरों को अब दो साल की अतिरिक्त सेवा अवधि का अवसर दिया जाएगा।

अग्निवीरों को 2 साल की अतिरिक्त सेवा का मौका, फिर नियमित सैनिक बनने का मिलेगा अवसर

CDS जनरल एन. एस. राजा सुब्रमणि ने आज मीडिया को ब्रीफ किया।

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Highlights

  • अतिरिक्त दो साल की सेवा के पहले साल में अग्निवीरों को 43,500 व दूसरे साल में 47,500 रुपये मासिक वेतन मिलेगा।
  • दूसरे कार्यकाल में अग्निवीरों को बेहतर वेतन, बढ़ा हुआ सेवा निधि पैकेज और वरिष्ठता से जुड़े लाभ मिलेंगे।
  • अग्निपथ योजना से भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ी और अग्निवीरों में अनुशासन व कौशल का विकास हुआ।

चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल एन. एस. राजा सुब्रमणि ने आज मीडिया को ब्रीफ किया। इसमें अग्निवीर योजना से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। जनरल सुब्रमणि ने कहा कि आज का दिन भारतीय रक्षा बलों और हमारे अग्निवीरों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। कैबिनेट ने सभी अग्निवीरों के लिए भारतीय रक्षा बलों में शामिल होने का रास्ता खोल दिया है। अग्निपथ योजना 14 जून 2022 को शुरू की गई थी। उस समय यह बताया गया था कि अग्निवीरों के प्रदर्शन का लगातार मूल्यांकन किया जाएगा और समय-समय पर इस योजना की समीक्षा की जाएगी।

अग्निवीरों का पहला बैच अब अपना चार साल का कार्यकाल पूरा करने के करीब है। इन चार वर्षों में किए गए प्रदर्शन मूल्यांकन के आधार पर, हमें उनके काम को लेकर बहुत सकारात्मक फीडबैक मिला है। मेरिट के आधार पर 25% अग्निवीरों को नियमित बलों में शामिल किया जाना है। पहले, 75% अग्निवीरों के लिए यह प्रावधान था कि वे अनुशासित और प्रेरित युवाओं के रूप में वापस समाज में लौटेंगे। हालाँकि, इस अपडेट की गई योजना के तहत, बाकी 75% अग्निवीरों को अब दो साल की अतिरिक्त सेवा अवधि का अवसर दिया जाएगा।

इस दो साल की अवधि के पूरा होने पर, जो भी इच्छुक होंगे, उन्हें एक निश्चित चयन प्रक्रिया के आधार पर सशस्त्र बलों में शामिल कर लिया जाएगा। इस योजना के ये चार मुख्य पहलू हैं। अपने शुरुआती चार साल के कार्यकाल को पूरा करने वाले अग्निवीरों में से 25% को नियमित सैनिकों के रूप में शामिल किया जाएगा। बाकी 75% के संबंध में, भारतीय रक्षा बलों ने सिफारिश की है और आज कैबिनेट ने इसे मंजूरी दे दी है कि उन्हें दो साल का दूसरा कार्यकाल दिया जाए।

इस दो साल के विस्तार को पूरा करने के बाद, इन सभी अग्निवीरों को भारतीय सशस्त्र बलों में नियमित सैनिकों के रूप में शामिल होने का अवसर दिया जाएगा। बशर्ते वे खुद ऐसा करना चाहें और चयन के तय मानदंडों को पूरा करते हों। जनरल सुब्रमणि ने अगिनवीर स्कीम की उपलब्धियों के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि देश भर के जिलों में अग्निवीरों की भर्ती का दायरा बढ़ा है। भर्ती प्रक्रिया अधिक ट्रांसपेरेंट और स्ट्रीमलाइंड हुई है। शारीरिक फिटनेस, मनोबल, प्रेरणा, प्रतिस्पर्धा की भावना और अनुशासन का स्तर बहुत ऊंचा रहा है।

सेवा के दौरान स्किल्स में वृद्धि, टेक्नोलॉजिकल अडाप्टिबिलिटी और शिक्षा का विस्तार हुआ है। रक्षा बलों की विभिन्न शाखाओं में महिलाओं के लिए भी अवसर खुले हैं। अग्निवीरों की आकांक्षाओं और संगठनात्मक दक्षता के बीच तालमेल बिठाने के मूल उद्देश्य के साथ, गहन और विस्तृत मूल्यांकन तथा फीडबैक के आधार पर, अग्निपथ योजना जारी रहेगी। दूसरे कार्यकाल (engagement period) में बेहतर वेतन, बढ़ा हुआ सेवा निधि पैकेज और वरिष्ठता (seniority) से जुड़े लाभ मिलेंगे।

जनरल सुब्रमणि ने अग्निवीर कार्यकाल के दौरान मिलने वाले वेतन के बारे में बताया है कि, "शुरुआती चार साल की योजना की तुलना में, अतिरिक्त दो साल के सेवा काल के दौरान उनका वेतन बढ़ा दिया गया है। पहले साल में उन्हें हर महीने लगभग 43,500 रुपये मिलेंगे और दूसरे साल में उन्हें हर महीने लगभग 47,500 रुपये मिलेंगे।"

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