पुर्तगाल के स्टार खिलाड़ी क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से लिया संन्यास

इंस्टाग्राम पर साझा किए गए एक वीडियो में उन्होंने कहा, "पुर्तगाल के लोगों, अब वह समय आ गया है जब मैं अपनी राष्ट्रीय टीम की 7 नंबर वाली जर्सी वापस सौंप दूं। मुझे कभी ऐसा नहीं लगा कि यह सिर्फ मेरी है। लेकिन 23 सालों तक मुझे इसे पहनने, इसका मान रखने और दुनिया भर के स्टेडियमों में इसे अपने साथ ले जाने का सौभाग्य और जिम्मेदारी मिली। आज इसे आने वाली पीढ़ी को सौंपने का समय आ गया है।"

पुर्तगाल के स्टार खिलाड़ी क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से लिया संन्यास

रोनाल्डो के संन्यास के साथ ही फुटबॉल के एक स्वर्णिम युग का अंत हो गया है।

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Highlights

  • रोनाल्डो ने अगस्त 2003 में पुर्तगाल के लिए अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत की थी।
  • रोनाल्डो ने अपने विदाई संदेश में साथियों, कोचों और परिवार का आभार जताया।
  • रोनाल्डो के करियर में 5 बैलन डी'ओर और 5 UEFA चैंपियंस लीग खिताब शामिल है।

अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल जगत से एक बेहद भावुक करने वाली खबर सामने आई है। सर्वकालिक महान फुटबॉल खिलाड़ियों में शुमार क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास की घोषणा कर दी है। 41 वर्षीय दिग्गज रोनाल्डो ने एक वीडियो जारी कर फैंस के साथ यह जानकारी साझा की। इस खबर से दुनिया भर में मौजूद उनके करोड़ों फैंस बेहद भावुक हो गए हैं और फुटबॉल के एक सुनहरे युग का अंत हो गया है।

इंस्टाग्राम पर साझा किए गए एक वीडियो में उन्होंने कहा, "पुर्तगाल के लोगों, अब वह समय आ गया है जब मैं अपनी राष्ट्रीय टीम की 7 नंबर वाली जर्सी वापस सौंप दूं। मुझे कभी ऐसा नहीं लगा कि यह सिर्फ मेरी है। लेकिन 23 सालों तक मुझे इसे पहनने, इसका मान रखने और दुनिया भर के स्टेडियमों में इसे अपने साथ ले जाने का सौभाग्य और जिम्मेदारी मिली। आज इसे आने वाली पीढ़ी को सौंपने का समय आ गया है।"

रोनाल्डो ने आगे कहा कि यह कोई आसान फैसला नहीं था, क्योंकि कुछ फैसले सिर्फ दिमाग से नहीं लिए जाते, वे दिल से भी लिए जाते हैं। अगस्त 2003 में शुरू हुआ एक सफर, जिसने मेरी जिंदगी हमेशा के लिए बदल दी, अब खत्म हो गया है। जब मैं नेशनल टीम के साथ बिताए अपने समय को याद करता हूं, तो मुझे सिर्फ मैच, गोल, रिकॉर्ड या ट्रॉफियां ही नहीं दिखतीं। मुझे लोग दिखते हैं।

मुझे विदेशों में रहने वाले वे पुर्तगाली लोग दिखते हैं, जो 90 मिनट के लिए अपने घर के थोड़ा और करीब महसूस करते थे। मुझे लाखों ऐसे पुर्तगाली लोग दिखते हैं, जिनसे मैं कभी नहीं मिला, लेकिन जो मेरी जिंदगी का हिस्सा बन गए। क्योंकि आखिरकार, फुटबॉल सिर्फ एक खेल से कहीं बढ़कर है। फुटबॉल लोगों के बारे में है।

नेशनल टीम के साथ अपने पूरे करियर के दौरान मैंने हमेशा अपनी क्षमताओं से बढ़कर खुद को चुनौती दी। मैं जीतना चाहता था। मैं और बेहतर बनना चाहता था। मैं इतिहास रचना चाहता था। मैंने हमेशा खुद से सबसे बेहतरीन प्रदर्शन की उम्मीद रखी। मुझे हमेशा और चाहिए था। मुझे हमेशा यकीन था कि हम और आगे जा सकते हैं। और इस जर्सी के लिए मैंने अपना सब कुछ झोंक दिया।

कुछ दोपहर और रातें एकदम बेहतरीन थीं। ऐसी जीतें थीं, जिन्हें मैं कभी नहीं भूल सकता। ऐसी हार भी थीं, जिन्हें याद करके आज भी तकलीफ होती है। मुझसे गलतियां हुईं। मैंने बहुत कुछ सहा। कुछ ऐसे पल भी आए, जब मैं पुर्तगाल के लोगों को वह नहीं दे पाया, जिसकी उन्हें शिद्दत से चाहत थी। लेकिन मैंने कभी हार नहीं मानी। सबसे बड़ी बात, पुर्तगाल का प्रतिनिधित्व करने पर मुझे हमेशा गर्व महसूस होता रहा।

इन सालों में मैंने कुछ बहुत ही साधारण बातें सीखीं। लक्ष्य समय के साथ धुंधले पड़ जाते हैं, ट्रॉफियां म्यूजियम में चली जाती हैं और रिकॉर्ड तो टूट ही जाते हैं। लेकिन एक ऐसी चीज है, जिसे समय कभी मिटा नहीं सकता, लोगों के दिलों में हमारी जगह। अगर मैंने कभी आपको खुश किया हो, अगर मेरे किसी गोल की वजह से आपने किसी को गले लगाया हो, अपनी कोई चिंता भुला दी हो या हमारे देश पर गर्व महसूस किया हो, तो समझ लीजिए कि मेरी सारी मेहनत सफल हो गई।

क्योंकि पुर्तगाली होने का मतलब यही है। हम एक साथ दुख सहते हैं, एक साथ आगे बढ़ते हैं और फिर से उम्मीद जगाते हैं। पुर्तगाल को हमेशा ऐसे युवाओं की जरूरत रहेगी, जो सपने देखने की हिम्मत रखते हों। ऐसे खिलाड़ी, जो कभी हार नहीं मानते। नई पीढ़ियां, जिन्हें यकीन हो कि वहां तक पहुंचना मुमकिन है, जहां पहले कोई नहीं पहुंचा। क्योंकि जो देश लगातार नए नायक पैदा करता रहता है, वह देश कभी खुद पर भरोसा करना नहीं छोड़ता।

अपने साथियों से मैं कुछ खास कहना चाहता हूं। हर रन के लिए, हर गले मिलने के पल के लिए, हर बहस के लिए और मैदान पर उतरने से पहले की हर खामोशी के लिए आप सभी का शुक्रिया। हमने साथ मिलकर जो जीतें मनाईं और जिन हारों ने हमें और मजबूत बनाया, उन सबके लिए धन्यवाद। मुझे आपका कप्तान होने का सौभाग्य मिला, लेकिन कोई भी कप्तान कभी अकेला नहीं चलता। आप हमेशा मेरी कहानी का हिस्सा रहेंगे।

सभी कोचों, डायरेक्टरों, डॉक्टरों, फिजियोथेरेपिस्टों, किट मैनेजरों, स्टाफ सदस्यों और उन सभी लोगों का शुक्रिया, जिन्होंने इन सालों में मेरे साथ मिलकर काम किया। आपमें से कई लोग कभी तस्वीरों में नहीं दिखे, लेकिन आपके बिना वे तस्वीरें कभी मुमकिन ही नहीं हो पातीं।

मेरे परिवार, मेरे साथ इस सपने को साझा करने के लिए धन्यवाद। मेरी गैर-मौजूदगी को समझने के लिए, मेरे बलिदानों को समझने के लिए और उन पलों को समझने के लिए धन्यवाद, जब मेरी जिंदगी में 'नेशनल टीम' के लिए वह जगह बनी, जो असल में आपकी थी। अगर मैं यहां तक पहुंच पाया हूं, तो इसलिए क्योंकि हम हमेशा एक-दूसरे का हाथ थामकर चले हैं।

पुर्तगाल के लोगों से उन्होंने कहा, "पुर्तगाल के हर एक व्यक्ति से, आप दुनिया में कहीं भी हों, मैं आपसे एक आखिरी बात कहना चाहता हूं। एक ऐसी तस्वीर है, जो हमेशा मेरे साथ रहेगी। वह पल, जब हमारा राष्ट्रगान शुरू होता है। मैं चारों ओर देखता हूं। मैं अपने साथियों को देखता हूं। मैं स्टैंड्स को देखता हूं। मैं बच्चों, माताओं, पिताओं और ग्रैंडपैरेंट्स को देखता हूं। मैं पुर्तगाल के उन लोगों को देखता हूं, जो यहां तक पहुंचने के लिए इतनी दूर से सफर करके आए हैं। उन कुछ मिनटों के लिए हमारे सारे मतभेद मिट जाते हैं। कोई क्लब नहीं होता। कोई रंग नहीं होता। कोई वर्ग नहीं होता। कोई पेशा नहीं होता। कोई अलग-अलग राय नहीं होती। बस एक ही जुनून होता है, पुर्तगाल।"

आज नेशनल टीम के साथ मैदान पर मेरा सफर खत्म हो रहा है। मैं अपना सिर ऊंचा करके जा रहा हूं। मुझे अपने चुने हुए रास्ते पर गर्व है और मुझे पता है कि मैंने पुर्तगाल के लिए अपना सब कुछ दे दिया। लेकिन मैं हमेशा आप लोगों में से ही एक रहूंगा। मैं पुर्तगाल की हर जीत पर आपके साथ खुशियां मनाऊंगा और हार पर आपके साथ दुखी भी होऊंगा।

मैंने दुनिया का सबसे बेहतरीन खिलाड़ी बनने के लिए अपनी पूरी जिंदगी लगा दी। आज मुझे एहसास हुआ है कि मेरी सबसे बड़ी जीत यह सम्मान पाना था कि मुझे दुनिया के सबसे बेहतरीन देश का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिला। इन 23 सालों के लिए आपका शुक्रिया। मुझ पर भरोसा करने के लिए धन्यवाद। मुझे एक ऐसा सपना जीने का मौका देने के लिए शुक्रिया, जिसकी शुरुआत मदीरा में एक छोटे से लड़के के तौर पर हुई थी, जो फुटबॉल के पीछे भागा करता था। नंबर 7 की जर्सी तो रहेगी ही, लेकिन इसे पहनने का गर्व हमेशा मेरे साथ रहेगा। पुर्तगाल हमेशा मेरा एक हिस्सा रहेगा।

क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने अपने शानदार करियर में कई ऐतिहासिक पुरस्कार जीते हैं, जिनमें पांच बैलन डी'ओर, रिकॉर्ड तीन UEFA मेन्स प्लेयर ऑफ द ईयर और चार यूरोपियन गोल्डन शू शामिल हैं। इसके अलावा, उन्हें फीफा द्वारा पांच बार दुनिया का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी भी चुना जा चुका है। वह पेशेवर फुटबॉल के इतिहास में सबसे ज्यादा ट्रॉफियां जीतने वाले चुनिंदा खिलाड़ियों में से एक हैं। उनकी ट्रॉफियों के रिकॉर्ड में पांच UEFA चैंपियंस लीग, दो UEFA नेशन्स लीग और एक UEFA यूरोपियन चैंपियनशिप (यूरो कप) शामिल हैं।

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