पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, पुडुचेरी में विधानसभा और असम में लोकसभा उपचुनावों का ऐलान, सियासी सरगर्मी तेज

पश्चिम बंगाल में भी इस बात को लेकर अटकलें तेज हो रही हैं कि क्या पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पिछले चुनाव में मिली हार के बाद राज्य विधानसभा में वापसी के लिए नंदीग्राम से चुनाव लड़ेंगी। यह देखना दिलचस्प होगा कि BJP बंगाल और असम में तथा TVK तमिलनाडु में बाजी मार पाती है या नहीं।

पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, पुडुचेरी में विधानसभा और असम में लोकसभा उपचुनावों का ऐलान, सियासी सरगर्मी तेज

चुनावों के लिए गजट नोटिफिकेशन 9 सितंबर को जारी किया जाएगा।

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Highlights

  • सभी रिक्त पड़ी सीटों पर 6 अक्टूबर को मतदान और 9 अक्टूबर को चुनावी नतीजे घोषित होंगे।
  • बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम और पुडुचेरी के सीएम एन. रंगास्वामी ने थट्टनचावडी सीट से इस्तीफा दे दिया था।
  • असम के नगांव से कांग्रेस सांसद प्रद्युत बोरदोलोई के भाजपा में शामिल होने के कारण उपचुनाव की स्थिति बनी है।

भारत में एक बार फिर चुनावी हलचल तेज होने वाली है। भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और पुडुचेरी की खाली विधानसभा सीटों के साथ-साथ असम की एक लोकसभा सीट पर उपचुनाव की घोषणा कर दी है। इन सीटों पर 6 अक्टूबर को मतदान होगा, जबकि 9 अक्टूबर को चुनावी नतीजों की घोषणा की जाएगी। आयोग द्वारा जारी आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार, चुनावों के लिए गजट नोटिफिकेशन 9 सितंबर को जारी किया जाएगा। 

नामांकन पत्र दाखिल करने की आखिरी तारीख 16 सितंबर है, जिसके बाद 17 सितंबर को नामांकन की जांच होगी। उम्मीदवार 19 सितंबर तक अपना नामांकन वापस ले सकते हैं। पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर, तमिलनाडु की धारापुरम और मदुरंतकम तथा पुडुचेरी की थट्टनचावडी विधानसभा पर उपचुनाव होंगे।

इसके अलावा असम की नगांव लोकसभा सीट पर उपचुनाव होंगे। इन सबमें सबसे प्रमुख सीट पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम बनी हुई है। राज्य के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पिछले विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम और भवानीपुर, दोनों सीटों से चुनाव लड़ा था और दोनों ही जगह जीत दर्ज की थी।

भवानीपुर सीट पर तो उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को ही पराजित कर दिया था। नियमों के मुताबिक कोई भी नेता दो सीटों से विधायक नहीं रह सकता, इसलिए उन्होंने नंदीग्राम सीट से इस्तीफा दे दिया और भवानीपुर सीट को अपने पास रखा। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के इस्तीफे के कारण ही अब नंदीग्राम सीट पर यह हाई-प्रोफाइल उपचुनाव होने जा रहा है। 

जहाँ तक दूसरी सीट रेजीनगर का सवाल है, आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के संस्थापक हुमायूँ कबीर ने नौदा (Naoda) सीट के साथ-साथ वहाँ भी जीत दर्ज की थी। कबीर ने नौदा सीट अपने पास रखी और रेजीनगर सीट छोड़ दी। तमिलनाडु की धारापुरम और मदुरंतकम सीटों से जीतने वाले पी. सत्यभामा और के. मरगथम ने चुनाव के बाद ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (AIADMK) छोड़ दी थी। 

बाद में दोनों नेता मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की तमिलगा वेट्री कड़गम (TVK) में शामिल हो गए। इस वजह से उपचुनाव कराने की जरूरत पड़ी है। वहीं पुडुचेरी की थट्टनचावडी और मंगलम दोनों ही सीटों पर मुख्यमंत्री एन. रंगास्वामी ने जीत हासिल की और बाद में थट्टनचावडी सीट से इस्तीफा दे दिया था।

अंत में बात करें नगांव की तो, 2019 से इस सीट से कांग्रेस सांसद प्रद्युत बोरदोलोई ने असम विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) का हाथ थाम लिया था और इस सीट से इस्तीफा दे दिया था। बाद में उन्होंने विधानसभा चुनाव लड़ा और दिसपुर विधानसभा सीट से बड़े अंतर से जीत भी हासिल की। इस उपचुनाव में BJP पूर्व IAS अधिकारी और नगांव के पूर्व डिप्टी कमिश्नर देबाशीष शर्मा को अपना उम्मीदवार बना सकती है। 

संभावना है कि देबाशीष एक-दो दिन में BJP में शामिल हो जाएंगे। हालांकि, आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्थिति पूरी तरह साफ हो पाएगी। वहीं पश्चिम बंगाल में भी इस बात को लेकर अटकलें तेज हो रही हैं कि क्या पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पिछले चुनाव में मिली हार के बाद राज्य विधानसभा में वापसी के लिए नंदीग्राम से चुनाव लड़ेंगी। यह देखना दिलचस्प होगा कि BJP बंगाल और असम में तथा TVK तमिलनाडु में बाजी मार पाती है या नहीं।

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