पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) को पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच आगे बढ़ाने का निर्देश दिया है। इन आरोपों में मुख्यमंत्री भगवंत मान के करीबियों के नाम भी शामिल हैं। इस मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और लोकसभा सांसद डॉ. संबित पात्रा ने AAP पर निशाना साधा।
उन्होंने कहा कि पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट की खंडपीठ, जिसमें चीफ जस्टिस अश्विनी कुमार मिश्रा और जस्टिस रोहित कपूर शामिल थे, ने एक PIL पर फैसला सुनाया है कि ED के आरोपों के आधार पर भगवंत मान के OSD और करीबी सहयोगियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच CBI को करनी चाहिए। हाईकोर्ट ने CBI को यह भी आदेश दिया कि वह दो महीने में जांच पूरी करे और रिपोर्ट सौंपे।
CBI भगवंत मान के OSD और करीबी सहयोगियों से जुड़े घोटाले की जांच करेगी। भगवंत मान पंजाब के मुख्यमंत्री, AAP के नेता और अरविंद केजरीवाल के करीबी सहयोगी हैं। संबित के अनुसार, BJP शुरू से ही कहती आ रही है कि पंजाब में सब कुछ, चाहे वह कानून-व्यवस्था हो या भ्रष्टाचार, चरम सीमा पर पहुंच गया है।
कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ गई है और भ्रष्टाचार अपने चरम पर है। आज, हम जो कहते आ रहे थे, उस पर खुद हाई कोर्ट ने भी मुहर लगा दी है। आप जानते हैं कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के करीबी और उनके OSD राजबीर सिंह घुम्मन पर कुछ अन्य अधिकारियों के साथ मिलकर बिचौलिये के तौर पर काम करने का आरोप था।
दूसरे शब्दों में, आरोप यह था कि उन्होंने पैसे या रिश्वत के बदले लोगों को सरकारी लाभ पहुंचाने और व्यावसायिक हितों के बीच बिचौलिये की भूमिका निभाई। जहां तक कानून-व्यवस्था की बात है, हम जानते हैं कि पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार के सत्ता में आने के बाद से क्या स्थिति रही है। मैं बहुत ज्यादा विस्तार में नहीं जाऊंगा।
लेकिन मैं पिछले 48 घंटों में पंजाब की कानून-व्यवस्था की स्थिति का जिक्र करना चाहूंगा। सिर्फ 48 घंटों में चार हत्याएं हुई हैं। मैं आपको यह भी बताना चाहता हूं कि जब खुद पुलिसकर्मी मारे जा रहे हैं, जब पुलिस कॉन्स्टेबल और अधिकारी मारे जा रहे हैं, तो यह सोचने वाली बात है कि पंजाब सरकार आम आदमी की सुरक्षा कैसे कर सकती है।