मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज यानी 25 मई को गंगा दशहरा के अवसर पर, धार जिले के प्रसिद्ध और ऐतिहासिक भोजशाला परिसर पहुंचे। हाल ही में हाई कोर्ट द्वारा भोजशाला को लेकर हुए फैसले के बाद ये उनका पहला दौरा रहा। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर बेंच ने अपने फैसले में कहा था कि, "इस स्थल पर हिंदू पूजा-अर्चना की निरंतरता कभी समाप्त नहीं हुई है। ऐतिहासिक साहित्य के आधार पर यह स्थापित होता है कि विवादित क्षेत्र का स्वरूप 'भोजशाला' का था, जो परमार वंश के राजा भोज से जुड़ा संस्कृत शिक्षा का एक केंद्र था।"
भोजशाला पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री ने मां वाग्देवी (सरस्वती) का दर्शन किया और पूजा-अर्चना की। इस दौरान उनके साथ धार की सांसद और केंद्रीय राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर एवं प्रदेश के शहरी विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भी नजर आए। डॉ. मोहन यादव मध्य प्रदेश के पहले ऐसे मुख्यमंत्री बन गए, जो पद पर रहते हुए भोजशाला पहुंचे।
इस दौरान धार में सुरक्षा के बहुत कड़े इंतजाम किए गए। मुख्यमंत्री द्वारा मिनी बस से लोगों पर पुष्पवर्षा भी की गई। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा, "माननीय न्यायालय के फैसले के बाद, मैं आज यहाँ दर्शन और पूजा के लिए आया हूँ। इसके साथ ही, धार को हमारे ‘जल गंगा संरक्षण अभियान’ और अन्य परियोजनाओं के तहत कई विकास पहलों का लाभ भी मिलेगा। हमें उम्मीद है कि धार की पहचान एक नए रूप में होगी।
उन्होंने आगे कहा, "हम पर्यटन को बढ़ावा देने, रोजगार के अवसर पैदा करने और शैक्षणिक संस्थानों व अवसरों का विस्तार करने सहित कई विकास कार्य करेंगे। हम सभी क्षेत्रों में आगे बढ़ेंगे। पूरे देश में, मध्य प्रदेश जल संरक्षण में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। गंगा दशमी के अवसर पर, जनभागीदारी के माध्यम से, पूरे राज्य के हर जिले में काम किया जा रहा है।" मुख्यमंत्री ने पूजा-अर्चना की कुछ तस्वीरें भी X पर शेयर करते हुए लिखा, "ॐ ऐं ह्रीं श्रीं वाग्देव्यै सरस्वत्यै नमः। माँ वाग्देवी की पावन भूमि धार में स्थित भोजशाला मंदिर में दर्शन-पूजन कर सभी के मंगल व कल्याण की कामना की। यह स्थान हमारी सनातन संस्कृति के स्वाभिमान का प्रतीक है। माँ वाग्देवी का आशीर्वाद सदैव मध्यप्रदेश पर बना रहे।"
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव यादव ने एक जनसभा को भी संबोधित किया, जिसमें उन्होंने कई बड़ी घोषणाएं की। उन्होंने बताया कि आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (ASI) के नियमों के अनुसार, इस क्षेत्र का विकास किया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि धार में राजा भोज शोध संस्थान और माता सरस्वती लोक की भी स्थापना की जाएगी। मुख्यमंत्री ने भोजशाला आंदोलन के दौरान अपने प्राणों की आहुति देने वाले तीन बलिदानियों के परिवारों को 5-5 लाख रूपए की आर्थिक सहायता देने का भी ऐलान किया। उन्होंने कहा कि 700 से अधिक वर्षों के बाद, भोजशाला पर आए निर्णय के लिए धारवासी बधाई के पात्र है।