पालतू कुत्ते बरूण को बचाते हुए जान गंवाने वाले रिदिप के परिवार से मिले मुख्यमंत्री हिमंत

उन्होंने एक तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए लिखा, "जानवरों के प्रति प्रेम हमारी संस्कृति में गहराई से समाया हुआ है, और युवा हृदिप ने इसी भावना को साकार किया। बाढ़ का पानी बढ़ने पर, उसने खुद से पहले अपने प्यारे पपी, बरूण को बचाने का प्रयास किया। इस निस्वार्थ कार्य में उसने अपने प्राणों की आहुति दे दी। इन बाढ़ों ने अनमोल इंसानी जिंदगियों के साथ-साथ अनगिनत जानवरों की भी जान ली है। हृदिप की करुणा और साहस हमेशा याद किए जाएंगे। एक हृदयविदारक क्षति। ओम शांति।​"

पालतू कुत्ते बरूण को बचाते हुए जान गंवाने वाले रिदिप के परिवार से मिले मुख्यमंत्री हिमंत

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने पालतू कुत्ते बरूण को दुलारा।

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Highlights

  • 13 वर्षीय रिदिप ने पानी के भंवर में फंसे बरूण को बचाने के लिए उफनती नदी में छलांग लगा दी थी।
  • मुख्यमंत्री हिमंत स्वयं भी रिदिप के माता-पिता से बात करते हुए भावुक हो गए।
  • मुख्यमंत्री हिमंत ने आर्थिक सहायता के तौर पर रिदिप के माता-पिता को 5 लाख रूपए का चेक भी सौंपा।

यह बात सभी जानते हैं कि भारत का राज्य असम इन दिनों बाढ़ की समस्या से जूझ रहा है। बाढ़ और उससे जुड़ी घटनाओं में अब तक 95 लोगों की मौत हो चुकी है। लेकिन, इस भयंकर आपदा के बीच एक बच्चे की बहादुरी की मिसाल भी देखने को मिली। इस विनाशकारी बाढ़ के दौरान, असम के शिवसागर जिले के नजीरा इलाके के बामुन पुखुरी गांव के रहने वाले 13 साल के रिदिप पानिका (Hridip Panika) ने पानी के भंवर में फंसे अपने पालतू कुत्ते बरूण अथवा वरूण (BARUN/VARUN) को बचाने के लिए उफनती नदी में छलांग लगा दी थी। 

असाधारण साहस दिखाते हुए रिदिप ने बरूण को तो बचा लिया, लेकिन वह खुद पानी के तेज बहाव से नहीं बच सका और डूब गया। रिदिप अपने पालतू कुत्ते को 'जान' कहकर बुलाता था। मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा खुद बहादुर रिदिप के माता-पिता से मिलने पहुंचे। इस मुलाकात का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें रिदिप की माँ पार्बती पानिका (Parbati Panika) मुख्यमंत्री को गले लगाकर रोती हुई दिख रही हैं, जबकि मुख्यमंत्री उन्हें और रिदिप के पिता दीपक पानिका (Deepak Panika) को सांत्वना दे रहे हैं। बातचीत के दौरान हिमंत खुद भी भावुक हो गए।

उन्होंने पालतू बरूण को भी दुलारा। हिमंत ने एक तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए लिखा, "जानवरों के प्रति प्रेम हमारी संस्कृति में गहराई से समाया हुआ है, और युवा हृदिप ने इसी भावना को साकार किया। बाढ़ का पानी बढ़ने पर, उसने खुद से पहले अपने प्यारे पपी, बरूण को बचाने का प्रयास किया। इस निस्वार्थ कार्य में उसने अपने प्राणों की आहुति दे दी। इन बाढ़ों ने अनमोल इंसानी जिंदगियों के साथ-साथ अनगिनत जानवरों की भी जान ली है। हृदिप की करुणा और साहस हमेशा याद किए जाएंगे। एक हृदयविदारक क्षति। ओम शांति।​" 

मुख्यमंत्री ने आर्थिक मदद के तौर पर रिदिप के माता-पिता को 5 लाख रूपए का एक चेक भी सौंपा।​ रिदिप और बरूण की दोस्ती की यह कहानी इन दिनों सोशल मीडिया और खबरों में काफी सुर्खियां बटोर रही है। इसे पढ़कर हर किसी की आँखें नम हो जाती हैं।

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