उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज राजधानी लखनऊ के लोक भवन सभागार में 'उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सर्विस कॉर्पोरेशन' (UPCOS) का शुभारंभ किया। इसके साथ ही, UPCOS पोर्टल और वेबसाइट को भी लॉन्च किया गया और UPCOS का लोगो जारी किया गया। इस मौके पर आउटसोर्स कर्मियों को चेक भी बांटे गए। जानकारी के अनुसार, कॉर्पोरेशन के लॉन्च के साथ ही, राज्य भर में 3,50,000 आउटसोर्स कर्मचारियों की सैलरी में 7,000 रूपए की बढ़ोतरी की गई है। इन कर्मचारियों को इंश्योरेंस कवर भी मिलेगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के अलावा उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक समेत कई अन्य लोग मौजूद थे। योगी आदित्यनाथ ने इस कार्यक्रम को संबोधित भी किया।
कार्यक्रम में बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले की सरकारों ने आउटसोर्स कर्मचारियों को बोझ समझा था। नतीजतन, काम के लिए हायर की गई आउटसोर्सिंग कंपनियां उन राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों के रिश्तेदारों और साथियों द्वारा चलाई जाती थीं। ये कंपनियां भर्ती और यूनिफॉर्म के नाम पर कर्मचारियों का शोषण करती थीं। हालांकि, हमने उन्हें कभी बोझ नहीं समझा। बल्कि हम उन्हें एसेट मानते हैं। मुख्यमंत्री योगी के अनुसार पहले हमारी व्यवस्था तीन खेमों में बंटी हुई थी। एक तरफ कर्मचारी होते थे, दूसरी तरफ एजेंसी और तीसरी तरफ सरकार।
अक्सर कर्मचारियों को अपनी समस्याओं के लिए अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते थे। लेकिन कोई समाधान नहीं निकलता था। सर्विस की कोई गारंटी नहीं थी और उनकी शिकायतों पर कोई ध्यान नहीं दिया जाता था। उनकी परेशानी कोई नहीं सुनता था। सरकार और कर्मचारियों के बीच का रिश्ता सिर्फ सैलरी तक सीमित नहीं हो सकता। यह भरोसा और जिम्मेदारी का रिश्ता भी है। यह पक्का करने के लिए कि कर्मचारी की जिंदगी कागजी कार्रवाई और दफ्तरों के चक्कर लगाने में ही न बीत जाए, हमने एक नया सिस्टम लागू किया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अनुसार, 2017 से पहले जब भी कोई सरकारी भर्ती आती थी, तो युवाओं को सबसे पहले पेपर लीक होने का डर रहता था। परीक्षा होने पर वे परिणाम को लेकर चिंतित रहते थे और यदि परिणाम आ भी जाता, तो पिछली सरकारों की कार्यप्रणाली के कारण कोर्ट से उस पर स्टे लगना तय होता था। चयन हुआ तो नियुक्ति की चिंता और अगर नौकरी में आ ही गया तो अपनी सेवा की चिंता। हमनें इस पूरी मानसिकता को बदला है। आज, उत्तर प्रदेश सरकार के सभी आयोगों और बोर्डों में यह सख्ती से लागू कर दिया गया है कि जो कोई भी युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करेगा, उसे जेल होगी और उसकी संपत्ति जब्त कर ली जाएगी।
उन्होंने कहा कि आज युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) और 3D प्रिंटिंग की ट्रेनिंग दी जा रही है। IT और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में बहुत सारे मौके हैं। AI, सेमीकंडक्टर स्टार्टअप और डेटा सेंटर से लेकर MSME और डिफेंस इंडस्ट्री तक। हर क्षेत्र में भरपूर अवसर हैं। इन मौकों के साथ-साथ, अब हर मंडल में एक यूनिवर्सिटी है। भेदभाव वाले तौर-तरीके अब खत्म हो गए हैं। हमने एक ऐसी पॉलिसी बनाई जिससे सभी 75 जिलों में एक जैसा सिस्टम लागू हुआ और भेदभाव की कोई गुंजाइश नहीं बची। 2017 से पहले प्रदेश में सैफई सिंडिकेट और रामपुर सिंडिकेट पूरी व्यवस्था का खून चूसता था। आज ये सिंडिकेट पूरी तरह से समाप्त कर दिया है।