अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट को मिला पहला CEO, रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को मिली कमान

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मिश्रा दिसंबर 1986 में एयर फोर्स अकादमी से IAF की फाइटर स्ट्रीम में शामिल हुए थे। स्क्वाड्रन लीडर के तौर पर, वह उस टीम का हिस्सा थे जिसने कारगिल युद्ध की शुरुआत में मिराज 2000 विमानों पर लेजर-गाइडेड बमों को ऑपरेशनल किया था। बाद में ऑपरेशन सफेद सागर के दौरान टाइगर हिल और मुंथो ढालो पर हुए मशहूर हमलों में इन बमों का इस्तेमाल किया गया था। एयर मार्शल मिश्रा ने वेस्टर्न एयर कमांड के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ के तौर पर भी सेवा दी है।

अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट को मिला पहला CEO, रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को मिली कमान

IAF में 39 साल की सेवा के बाद एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा संभालेंगे नई कमान।

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Highlights

  • ऑपरेशन सिंदूर में अहम भूमिका निभाने के लिए जितेंद्र मिश्रा को सर्वोत्तम युद्ध सेवा पदक से सम्मानित किया गया।
  • महेश भागचंदका, मदन मोहन पांडे और डॉ. निर्मला यादव श्री राम मंदिर ट्रस्ट के नए ट्रस्टी होंगे।
  • स्वामी गोविंद देव गिरी नए जनरल सेक्रेटरी और महेश भागचंदका नए कोषाध्यक्ष होंगे।

जिस खबर की सभी को लंबे समय से बेसब्री से प्रतीक्षा थी, वह आखिरकार आ गई है। एयर मार्शल (रिटायर्ड) जितेंद्र मिश्रा को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र (SRJBTK) ट्रस्ट का नया चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) नियुक्त किया गया है। भारतीय वायु सेना (IAF) में 39 से ज्यादा सालों तक सेवा देने के बाद, एयर मार्शल मिश्रा अब एक नई भूमिका संभालेंगे। अयोध्या में श्री राम मंदिर के CEO के तौर पर उनकी नियुक्ति के बाद, उनके अब तक के करियर और अनुभव पर नजर डालना जरूरी है।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मिश्रा दिसंबर 1986 में एयर फोर्स अकादमी से IAF की फाइटर स्ट्रीम में शामिल हुए थे। स्क्वाड्रन लीडर के तौर पर, वह उस टीम का हिस्सा थे जिसने कारगिल युद्ध की शुरुआत में मिराज 2000 विमानों पर लेजर-गाइडेड बमों को ऑपरेशनल किया था। बाद में ऑपरेशन सफेद सागर के दौरान टाइगर हिल और मुंथो ढालो पर हुए मशहूर हमलों में इन बमों का इस्तेमाल किया गया था। एयर मार्शल मिश्रा ने वेस्टर्न एयर कमांड के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ के तौर पर भी सेवा दी है। उन्होंने जनवरी 2025 से अप्रैल 2026 तक IAF की सबसे रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण कमांड में से एक की कमान संभाली।

उन्होंने 'ऑपरेशन सिंदूर' में भी अहम भूमिका निभाई, जिसके लिए उन्हें सर्वोत्तम युद्ध सेवा मेडल (SYSM) से सम्मानित किया गया। इसके अलावा, उन्हें अति विशिष्ट सेवा मेडल (AVSM) और विशिष्ट सेवा मेडल (VSM) से भी नवाजा गया है। खबरों के मुताबिक, CEO पद के लिए मुख्य दावेदारों में राजेश पांडे, परेश सक्सेना, दिनेश चंद्र और योगेश्वर राम मिश्रा भी शामिल थे। CEO के अलावा, तीन नए ट्रस्टी भी नियुक्त किए गए हैं। महेश भागचंदका, मदन मोहन पांडे और डॉ. निर्मला यादव SRJBTK के नए ट्रस्टी होंगे। स्वामी गोविंद देव गिरी नए जनरल सेक्रेटरी और महेश भागचंदका नए कोषाध्यक्ष होंगे।

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