मोदी कैबिनेट में फेरबदल की संभावना, नितिन गडकरी का बदल सकता है मंत्रालय, अश्विनी वैष्णव का प्रमोशन संभव

उत्तर प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक और महाराष्ट्र जैसे राज्यों से नए चेहरों को शामिल करने की भी चर्चा है। इस संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता कि BJP की सहयोगी पार्टियों के नेताओं को सरकार में जिम्मेदारियां सौंपी जा सकती हैं। हालांकि, पूरी तस्वीर आधिकारिक घोषणा के बाद ही साफ होगी।

मोदी कैबिनेट में फेरबदल की संभावना, नितिन गडकरी का बदल सकता है मंत्रालय, अश्विनी वैष्णव का प्रमोशन संभव

नितिन गडकरी 2014 से और अश्विनी वैष्णव 2019 से मोदी सरकार में मंत्री है।

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Highlights

  • अटकलें है की मोदी कैबिनेट में 15 से 17 नए चेहरों को शामिल किया जा सकता है।
  • मंत्रिमंडल में महिलाओं और युवाओं को भी प्रतिनिधित्व मिलने की संभावना है।
  • आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों को देखते हुए समीकरणों को साधने की कोशिशें हो सकती है।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की नई टीम के ऐलान के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल में फेरबदल और विस्तार की चर्चाएं एक बार फिर तेज हो गई हैं। अटकलें लगाईं जा रही हैं कि मंत्रिमंडल से कई दिग्गज नेताओं की छुट्टी हो सकती है और नए चेहरों को जगह मिल सकती है, वहीं कुछ मंत्रियों के मंत्रालय बदले जाने की भी सुगबुगाहट है। नितिन नबीन ने हाल ही में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भी मुलाकात की थी। कयास लगाए जा रहे हैं कि केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव को प्रमोशन मिल सकता है। 

वैष्णव 2019 से ओडिशा से राज्यसभा सांसद हैं और अभी उनके पास रेल मंत्रालय, सूचना और प्रसारण मंत्रालय और इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय जैसे अहम विभाग हैं। वो संचार मंत्री के रूप में भी काम कर चुके हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कैबिनेट में उनकी भूमिका या जिम्मेदारियां बढ़ाई जा सकती हैं। हालांकि, उनके संभावित नए पद या मंत्रालय को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। ऐसी भी संभावना है कि उनके मौजूदा विभागों की कुछ जिम्मेदारियां दूसरे नेताओं को सौंपी जा सकती हैं।

वरिष्ठ BJP नेता और पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी को लेकर भी अटकलें लगाई जा रही हैं। कहा जा रहा है कि उनका विभाग बदला जा सकता है। 2014 से नागपुर से लोकसभा सांसद गडकरी, उस साल से लगातार केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री के तौर पर काम कर रहे हैं। उन्होंने 2014 से 2019 तक पोत परिवहन मंत्री के तौर पर भी काम किया।

इस विभाग का नाम अब बदलकर 'पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय' कर दिया गया है। हालांकि परिवहन मंत्री के तौर पर उनका काम अच्छा रहा है, लेकिन यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या वाकई उनका मंत्रालय बदला जाता है और उन्हें कौन सा नया मंत्रालय सौंपा जाता है। हाल ही में, उन्होंने किसी इंटरव्यू में E20 फ्यूल को लेकर भी कई बातें कही थीं।

ऐसी भी अटकलें हैं कि कैबिनेट में 15 से 17 नए चेहरों को शामिल किया जा सकता है। ये नए चेहरे उन मंत्रियों के विभागों को फिर से बांटकर लाए जा सकते हैं जो अभी कई विभाग संभाल रहे हैं। कैबिनेट में महिलाओं और युवाओं को भी प्रतिनिधित्व मिलने की संभावना है। आने वाले विधानसभा और लोकसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग राजनीतिक समीकरणों को साधने की कोशिशें भी हो सकती हैं।

उत्तर प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक और महाराष्ट्र जैसे राज्यों से नए चेहरों को शामिल करने की भी चर्चा है। इस संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता कि BJP की सहयोगी पार्टियों के नेताओं को सरकार में जिम्मेदारियां सौंपी जा सकती हैं। हालांकि, पूरी तस्वीर आधिकारिक घोषणा के बाद ही साफ होगी।

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