बॉक्स ऑफिस पर अक्षय खन्ना और रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर’ ने वो कर दिखाया है, जिसकी उम्मीद शायद कम ही लोगों को थी। रिलीज के 34वें दिन इस फिल्म ने ऐसा रिकॉर्ड बना दिया है, जिसने हिंदी सिनेमा का पूरा समीकरण बदलकर रख दिया है। ‘धुरंधर’ अब भारत में आधिकारिक तौर पर सबसे ज्यादा कमाई करने वाली हिंदी फिल्म बन चुकी है और इसने अल्लू अर्जुन की सुपरहिट फिल्म ‘पुष्पा 2’ के हिंदी वर्ज़न का रिकॉर्ड तोड़ दिया है।
बॉक्स ऑफिस आंकड़ों के मुताबिक, ‘धुरंधर’ की कुल कमाई 831 करोड़ रूपए से ज्यादा हो चुकी है, जबकि ‘पुष्पा 2’ ने हिंदी वर्ज़न में लगभग 830 करोड़ रूपए का कारोबार किया था। खास बात यह है कि फिल्म अपने पांचवें हफ्ते में भी अच्छा प्रदर्शन कर रही है और बढ़िया कमाई कर रही है। दर्शकों का उत्साह अब भी बरकरार है और सिनेमाघरों में काफी भीड़ देखने को मिल रही है। वहीँ इस फिल्म का वर्ल्डवाइड कलेक्शन 1250 करोड़ रूपए के ऊपर पहुंच चुका है। अन्य रिकॉर्ड्स पर भी नज़र डालें तो ये साल 2025 की सबसे ज़्यादा कमाई करने वाली फिल्म और वर्ल्डवाइड दूसरी सबसे ज़्यादा कमाई करने वाली हिंदी फिल्म बन गई है।
यह सफलता बॉलीवुड के लिए भी बेहद अहम मानी जा रही है, क्योंकि लंबे समय बाद किसी हिंदी फिल्म ने साउथ सिनेमा के वर्चस्व को बॉक्स ऑफिस पर सीधी चुनौती दी है। ‘धुरंधर’ की इस ऐतिहासिक जीत ने यह साबित कर दिया है कि मजबूत कहानी, दमदार निर्देशन और स्टार पावर के दम पर हिंदी सिनेमा अब भी बड़े रिकॉर्ड बना सकता है। ये सफलता इसलिए भी विशेष है क्योंकि धुरंधर की रिलीज़ से पहले शायद उतनी ज़ोरदार पब्लिसिटी नहीं हुई थी। हो सकता है कि आदित्य को अपने निर्देशन और कहानी पर इतना विश्वास हो कि उन्हें इसकी ज़रूरत ही नहीं पड़ी। इस फिल्म के गाने भी आज हर एक की जुबां पर है।
फिल्म की इस कामयाबी ने रणवीर सिंह के करियर को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है। वहीं बात करे अक्षय खन्ना की, तो इस अभिनेता ने भी सबको अपना दीवाना बना दिया है। इन दोनों के अलावा आर. माधवन, अर्जुन रामपाल, संजय दत्त, राकेश बेदी, सारा अर्जुन और दानिश पंडोर ने भी उत्तम अभिनय किया है। आदित्य धर के निर्देशन में बनी यह स्पाई थ्रिलर दर्शकों को इतना पसंद आ रही है कि लोग इसे बार-बार देखने सिनेमाघरों तक पहुंच रहे हैं। फिल्म की रफ्तार जिस तरह बनी हुई है, उससे साफ है कि आने वाले दिनों में ‘धुरंधर’ और भी बड़े रिकॉर्ड अपने नाम कर सकती है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि यह ऐतिहासिक दौड़ आखिरकार कहाँ जाकर थमती है।