चंदा चोरी विवाद, केजरीवाल की प्रेस वार्ता, कहा AAP सच्चे मन से सनातन के लिए कर काम रही

इस प्रेस वार्ता के दौरान केजरीवाल ने अमित शाह से पाँच सवाल भी पूछे। पहला सवाल यह था कि उन्होंने राम मंदिर के दर्शन क्यों नहीं किए। दूसरा यह कि क्या उन्हें भगवान राम के दर्शन करने की इच्छा नहीं हुई। तीसरा, क्या वह राम मंदिर नहीं जाना चाहते थे? चौथा, क्या उन्हें भगवान राम के आशीर्वाद की जरूरत थी? और पाँचवाँ और सबसे अहम सवाल, क्या वह भगवान राम को भगवान मानते हैं? उन्होंने आरोप लगाया कि ये लोग भगवान राम को भगवान नहीं मानते। अगर मानते, तो वे कभी मंदिर में चढ़ाए गए चढ़ावे को नहीं चुराते।

चंदा चोरी विवाद, केजरीवाल की प्रेस वार्ता, कहा AAP सच्चे मन से सनातन के लिए कर काम रही

उन्होंने आगे यह भी आरोप लगाया की देश का हर सनातनी आहत और दुखी है।

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Highlights

  • केजरीवाल ने दावा किया की केंद्र सरकार और UP सरकार अपराधियों को दंड नहीं देगी क्योंकि सभी मिले हुए है।
  • उन्होंने दावा किया की गृह मंत्री अमित शाह एक बार भी श्री राम के चरणों में अपना माथा टेकने नहीं गए है।
  • केजरीवाल ने कहा की यदि जनता चंदा चोरों का सजा दिलवाना चाहती है, तो उसके लिए उन्हें सरकार बदलनी पड़ेगी।

अयोध्या के श्री राम मंदिर का 'चढ़ावा चोरी विवाद' इस समय हर जगह चर्चा में है। इसी सिलसिले में दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री एवं आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने आज एक प्रेस वार्ता की। इस दौरान उन्होंने कहा कि यदि जनता 'चंदा चोरों' का सजा दिलवाना चाहती है, तो उसके लिए उन्हें सरकार बदलनी पड़ेगी।

उन्होंने दावा किया कि मौजूदा केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार अपराधियों को कभी दंड नहीं देगी क्योंकि सभी मिले हुए हैं। प्रेस वार्ता के दौरान केजरीवाल ने बताया कि राम मंदिर बनने के बाद, केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह एक बार भी श्री राम के चरणों में अपना माथा टेकने नहीं गए हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कहा कि श्री राम के विग्रह की प्राण-प्रतिष्ठा हुए 891 दिन बीत चुके हैं। उन्होंने अपने भाषणों और इंटरव्यू में 42 से ज्यादा बार राम मंदिर का जिक्र किया है और उसके नाम पर वोट भी माँगे हैं। उनके पास राम के नाम पर वोट माँगने का तो समय है, लेकिन मंदिर जाने का समय नहीं है। इस प्रेस वार्ता के दौरान केजरीवाल ने अमित शाह से पाँच सवाल भी पूछे।

पहला सवाल यह था कि उन्होंने राम मंदिर के दर्शन क्यों नहीं किए। दूसरा यह कि क्या उन्हें भगवान राम के दर्शन करने की इच्छा नहीं हुई। तीसरा, क्या वह राम मंदिर नहीं जाना चाहते थे? चौथा, क्या उन्हें भगवान राम के आशीर्वाद की जरूरत थी? और पाँचवाँ और सबसे अहम सवाल, क्या वह भगवान राम को भगवान मानते हैं?

उन्होंने आरोप लगाया कि ये लोग भगवान राम को भगवान नहीं मानते। अगर मानते, तो वे कभी मंदिर में चढ़ाए गए चढ़ावे को नहीं चुराते। केजरीवाल ने कहा कि श्री रामचंद्र जी ने 21 राज्यों में और केंद्र में BJP की सरकार बनवा दी, लेकिन फिर भी अमित शाह राम मंदिर में धन्यवाद करने या उनका आशीर्वाद लेने नहीं गए।

उन्होंने आगे यह भी आरोप लगाया कि देश का हर सनातनी आहत और दुखी है और कहा, अब भी बहुत कुछ सामने आना बाकी है। BJP ने सनातन का इस्तेमाल सिर्फ सत्ता और पैसे के लिए किया है। केजरीवाल ने दावा किया कि AAP ही एकमात्र पार्टी है जिसे सनातन में सच्ची आस्था है। हमने लोगों के लिए फ्री तीर्थयात्रा का आयोजन किया। पंजाब में काली माई और लव-कुश को समर्पित एक मंदिर बनाया जा रहा है। हम भजन संध्याओं का आयोजन कर रहे हैं। 

ताजा घटनाक्रम में, चढ़ावा चोरी मामले की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टीगेशन टीम (SIT) को उत्तर प्रदेश सरकार ने 15 दिनों का अतिरिक्त समय दिया है।

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