भारतीय राजनीति से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। संसद का मॉनसून सत्र 20 जुलाई से शुरू हो सकता है और संभावना है कि ये तीन हफ्ते तक चलेगा। हालांकि, संसदीय मामलों की कैबिनेट समिति (CCPA) ने अभी तक इस पर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है। आम तौर पर, मॉनसून और शीतकालीन सत्र चार हफ्ते के होते हैं और उनमें 20 बैठकें होती हैं, हालांकि पहले भी छोटे सत्र आयोजित किए जा चुके हैं। यह सत्र पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी में BJP-NDA की शानदार जीत के बाद होने जा रहा है। विपक्ष NEET पेपर लीक जैसे मुद्दों पर सरकार को घेर सकता है।
इसके अलावा, तृणमूल कांग्रेस (TMC) और शिवसेना-उद्धव बाळासाहेब ठाकरे (SS-UBT) के भीतर बगावत का मुद्दा भी आगामी संसदीय सत्र के दौरान उठ सकता है। TMC के 20 और SS-UBT के 6 बागी सांसदों के भाग्य का फैसला लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के पास लंबित है। अभी के लिए, ये 20 सांसद 'नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया' (NCPI) का हिस्सा बन गए हैं। उम्मीद है कि मॉनसून सत्र शुरू होने से पहले फैसला हो जाएगा। राज्यसभा चुनावों के बाद BJP-NDA की स्थिति मजबूत हुई है।
फिलहाल उच्च सदन में कुल 245 सदस्यों में से 114 भाजपा के हैं। वहीं, अगर NDA सदस्यों को भी जोड़ लिया जाए, तो यह संख्या 149 हो जाती है। लोकसभा में भी BJP-NDA सांसदों की संख्या 318 तक पहुंच चुकी है। सरकार के लिए पिछला सत्र निराशाजनक रहा, क्योंकि 2029 में महिलाओं के लिए आरक्षण और लोकसभा सीटें बढ़ाने वाला संविधान संशोधन बिल निचले सदन में गिर गया। अब सरकार बिल को फिर से लिख रही है, जिसमें शायद सभी राज्यों की लोकसभा सीटें एक समान 50 प्रतिशत बढ़ाई जाएंगी।
एक और घटनाक्रम में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कल केंद्र सरकार के सभी मंत्रालयों और विभागों के सचिवों के साथ बैठक की। बैठक में डीरेगुलेशन, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, ईज ऑफ लिविंग और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने जैसे विषयों पर चर्चा हुई। प्रधानमंत्री के दो प्रधान सचिव, प्रमोद कुमार मिश्र और शक्तिकांत दास के साथ-साथ कैबिनेट सचिव टी.वी. सोमनाथन भी मौजूद थे।