प्रचंड कॉम्बैट हेलीकॉप्टर में उड़ान भरने वाली देश की पहली राष्ट्रपति बनीं द्रौपदी मुर्मू

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जैसलमेर में स्वदेशी LCH "प्रचंड" हेलीकॉप्टर में 25 मिनट की ऐतिहासिक उड़ान भरी। वह कॉम्बैट हेलीकॉप्टर में उड़ान भरने वाली देश की पहली राष्ट्रपति बनीं। इस दौरान उन्होंने पोखरण फायरिंग रेंज का हवाई सर्वेक्षण किया और राष्ट्र को संदेश भी दिया।

प्रचंड कॉम्बैट हेलीकॉप्टर में उड़ान भरने वाली देश की पहली राष्ट्रपति बनीं द्रौपदी मुर्मू

ऐसा पहली बार हुआ है जब देश का कोई राष्ट्रपति कॉम्बैट हेलीकॉप्टर में बतौर को-पायलट शामिल हुआ है।

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Highlights

  • प्रचंड में उड़ान भरने वाली पहली राष्ट्रपति बनीं द्रौपदी मुर्मू।
  • राष्ट्रपति मुर्मू ने पोखरण फायरिंग क्षेत्र का किया हवाई निरीक्षण।
  • राष्ट्रपति मुर्मू ने स्वदेशी ताकत और सैनिकों के साहस को दिया सलाम।

भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है। आज राजस्थान के जैसलमेर में उन्होंने स्वदेशी लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर (LCH) प्रचंड में उड़ान भरी। ये पहली बार है जब देश की कोई राष्ट्रपति कॉम्बैट हेलीकॉप्टर में बतौर को-पायलट शामिल हुई है। इस उड़ान से न केवल उन्होंने भारतीय वायु सेना की ताकत को करीब से देखा, बल्कि पोखरण फायरिंग रेंज का भी हवाई सर्वेक्षण किया। राष्ट्रपति मुर्मू करीब 25 मिनटों तक आसमान में रही। उनके साथ मुख्य पायलट के तौर पर ग्रुप कैप्टन एन. एस. बहुआ भी हेलीकॉप्टर में मौजूद थे। इस दौरान उन्होंने पोखरण फायरिंग रेंज और सीमावर्ती क्षेत्रों का निरीक्षण भी किया। उड़ान के दौरान, उन्होंने हेलिकॉप्टर से रेडियो के जरिए राष्ट्र को संदेश दिया।

उन्होंने कहा, "आज मैं आत्मनिर्भरता के प्रतीक प्रचंड हेलीकॉप्टर में उड़ान भर रही हूँ। मैं अपने देश के वीर सैनिकों को हार्दिक धन्यवाद देती हूँ। मैं सभी को स्नेहपूर्ण शुभकामनाएँ भेजती हूँ। जय हिंद, जय भारत।" प्रचंड हेलीकॉप्टर को हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) द्वारा भारत में ही बनाया गया है। ये दुनिया के उन कुछ चुनिंदा हेलीकॉप्टर्स में से एक हैं, जो सियाचिन जैसे बहुत ऊंचे और ठंडे इलाके में भी आसानी से उड़ान भर सकता है। ये हेलीकॉप्टर 5 हजार मीटर की ऊंचाई पर उड़ान भरने और वहां से दुश्मन पर सटीक निशाना लगाने में सक्षम है।

अपनी इस उड़ान के बाद राष्ट्रपति मुर्मू शाम को पोखरण में आयोजित होने वाले वायु शक्ति अभ्यास में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होंगी। इस सैन्य अभ्यास में वायु सेना के कई फाइटर जेट्स अपनी फायर पावर का प्रदर्शन करेंगे। राष्ट्रपति का इस तरह अग्रिम मोर्चे पर जाकर सैनिकों का हौसला बढ़ाना बहुत बड़ी बात है। इससे पहले भी राष्ट्रपति मुर्मू ने सुखोई और राफेल जैसे आधुनिक फाइटर जेट्स में उड़ान भरकर अपनी निडरता का परिचय दिया है। आज की इस ऐतिहासिक उड़ान ने भारतीय सेना की सुप्रीम कमांडर के रूप में उनके कद को और भी ऊंचा कर दिया है।

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