उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज मऊ जिले के मधुबन पहुंचे, जहां उन्होंने लगभग 392 करोड़ रूपए की 114 परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इसकी कुछ तस्वीरें X पर साझा करते हुए उन्होंने लिखा कि, "आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के यशस्वी नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में देश वासियों ने बदलते हुए भारत को देखा है।"
उन्होंने आगे लिखा, "डबल इंजन सरकार बिना रुके, बिना डिगे, बिना थके सतत विकास के कार्य कर रही है। माँ शीतला देवी की पावन धरा जनपद मऊ के सर्वांगीण विकास को और गति देने के लिए आज 392 करोड़ रूपए से अधिक लागत की 114 परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास हेतु आयोजित कार्यक्रम में सम्मिलित हुआ। इस अवसर पर विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण-पत्र, स्वीकृति-पत्र एवं चेक का वितरण भी हुआ।"
इस कार्यक्रम के बाद उन्होंने एक जनसभा को भी संबोधित किया, जहां उनके साथ मंच पर राज्य के शहरी विकास एवं ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा, कारागार विभाग के मंत्री दारा सिंह चौहान और पंचायती राज एवं अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री ओम प्रकाश राजभर भी उपस्थित थे। योगी आदित्यनाथ ने 29 मई को भारत के पूर्व प्रधानमंत्री और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी चरण सिंह की पुण्यतिथि के अवसर पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि भी अर्पित की।
जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने बताया कि मऊ जनपद एक बार फिर विकास की यात्रा पर आगे बढ़ रहा है। इस विकास यात्रा के सहयात्री आपके सामने हैं। मैं मऊ के ही एक पड़ोसी क्षेत्र से आता हूँ, इसलिए हमारे लिए मऊ आँगन जैसा है। मुझे याद है कि जब मैं सांसद था, तब जब भी यहाँ कोई संकट आता था, भले ही कोई और न आता हो, मैं गोरखपुर से दौड़कर यहाँ पहुँच जाता था।"
अपने भाषण में उन्होंने समाजवादी पार्टी (SP) पर भी जमकर निशाना साधा। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2017 से पहले युवाओं के सामने पहचान का संकट था, बेटी और व्यापारी की सुरक्षा खतरे में थी। 2005 में इसी मऊ को जलाने का कुत्सित प्रयास किया गया था। उन्होंने आगे बताया कि पहले की सरकार माफियाओं के सामने नतमस्तक थी और यहां की सुरक्षा खतरे में थी। अराजकता का तांडव था। विकास के कोई कार्य नहीं होते थे और गरीबों को कोई सुविधा नहीं मिलती थी।
जनता को संबोधित करते हुए उन्होंने आगे बताया कि रामनवमी, शिवरात्रि, यज्ञ का आयोजन आदि होने नहीं दिया जाता था और उसमें व्यवधान पैदा किया जाता था। बेटियां स्कूल नहीं जा सकती थी और व्यापारी सूर्यास्त के पहले अपने प्रतिष्ठान को बंद करने के लिए मजबूर होता था। गरीब के घर में शौचालय नहीं था और उसे स्वास्थ्य की कोई सुविधा नहीं थी। गरीब के लिए राशन अथवा रसोई गैस की सुविधा भी नहीं थी। लेकिन आपने 2014 में देश की बागडोर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों में सौंपी और पिछले 12 वर्षों में आप बदलते हुए भारत को देख रहे हैं।