अमित शाह ने आज कोलकाता में रखी डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125 फुट ऊंची प्रतिमा की आधारशिला

अमित शाह के इस बंगाल दौरे में, बिस्वा बांग्ला मेला प्रांगण में होने वाले एक विशेष कार्यक्रम में शिरकत करना भी शामिल है, जहाँ राज्य भर के भाजपा नेता और कार्यकर्ता जुटेंगे।

अमित शाह ने आज कोलकाता में रखी डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125 फुट ऊंची प्रतिमा की आधारशिला

उन्होंने X पर लिखा की डॉ. मुखर्जी ने राष्ट्र प्रथम के आदर्श को अपने जीवन का ध्येय बनाया।

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Highlights

  • अमित शाह ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के पैतृक आवास पर जाकर उन्हें अर्पित की श्रद्धांजलि
  • विधानसभा चुनाव में जीत के बाद अमित शाह का पश्चिम बंगाल का यह पहला दौरा है।
  • भूमिपूजन व आधारशिला के दौरान अमित शाह के साथ मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी भी उपस्थित थे।

केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता पहुंचे हैं। उन्होंने भारतीय जनसंघ (BJS) के संस्थापक और स्वतंत्र भारत के पहले उद्योग और आपूर्ति मंत्री डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के पैतृक आवास पर जाकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद, उन्होंने इको पार्क का दौरा किया, जहाँ उन्होंने डॉ. मुखर्जी की 125वीं जयंती के उपलक्ष्य में उनकी प्रस्तावित 125 फुट ऊंची प्रतिमा के लिए भूमि पूजन किया और आधारशिला रखी। इससे पहले, पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कोलकाता हवाई अड्डे पर अमित शाह का गर्मजोशी से स्वागत किया।

मुख्यमंत्री अधिकारी के साथ अग्निमित्रा पॉल, निशीथ प्रमाणिक, लॉकेट चटर्जी और सौमित्र खान सहित कई अन्य लोग भी मौजूद थे। बाद में, गृह मंत्री ने डॉ. मुखर्जी की प्रस्तावित 125 फुट ऊंची प्रतिमा के लिए भूमि पूजन किया। इस अवसर पर केंद्रीय पर्यटन और संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और पश्चिम बंगाल भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य भी उपस्थित थे। विधानसभा चुनाव में जीत के बाद अमित शाह का राज्य का यह पहला दौरा है। उनके दौरे में बिस्वा बांग्ला मेला प्रांगण में होने वाले एक विशेष कार्यक्रम में शिरकत करना भी शामिल है, जहाँ राज्य भर के भाजपा नेता और कार्यकर्ता जुटेंगे।

आज सुबह X पर डॉ. मुखर्जी को नमन करते हुए अमित शाह ने लिखा, "देश की एकता, अखंडता और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के प्रखर पुरोधा, भारतीय जनसंघ के संस्थापक श्रद्धेय डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी की 125वीं जयंती पर उनका स्मरण कर नमन करता हूँ। डॉ. मुखर्जी जी ने 'राष्ट्र प्रथम' के आदर्श को अपने जीवन का ध्येय बनाया। बंगाल के विभाजन के समय उनका दूरदर्शी नेतृत्व और जम्मू-कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग बनाए रखने के लिए उनका संघर्ष भारतीय इतिहास में सदैव स्मरणीय रहेगा। सिद्धांतों के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता और देश की अखंडता के लिए उनका आजीवन संघर्ष युवाओं को सदैव प्रेरणा देता रहेगा।"

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