तीन देशों के दौरे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, इंडो-पैसिफिक और एक्ट ईस्ट पॉलिसी को मजबूती देने पर जोर

प्रधानमंत्री मोदी योग्याकार्ता स्थित प्रंबानन मंदिर परिसर का भी दौरा करेंगे, जो भारत और इंडोनेशिया के गहरे सांस्कृतिक संबंधों का एक और शानदार उदाहरण है। उनकी ऑस्ट्रेलिया यात्रा दोनों देशों के बीच, खेल तथा खेल विज्ञान जैसे क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को और गहरा करने का अवसर भी प्रदान करेगी।

तीन देशों के दौरे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, इंडो-पैसिफिक और एक्ट ईस्ट पॉलिसी को मजबूती देने पर जोर

प्रधानमंत्री मोदी तीनों देशों में रह रहे भारतीय समुदाय के लोगों से भी मिलेंगे।

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Highlights

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इंडोनेशिया यात्रा दोनों देशों की बहुआयामी साझेदारी के सभी पहलुओं को सुदृढ़ करेगी।
  • उनका ऑस्ट्रेलिया दौरा भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप को और मजबूत करेगा।
  • प्रधानमंत्री मोदी न्यूजीलैंड में अपने समकक्ष के साथ आर्थिक और व्यापारिक संबंधों को बेहतर बनाने पर चर्चा करेंगे।

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 6 से 11 जुलाई तक इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की यात्रा पर रहेंगे। प्रस्थान से पहले जारी एक बयान में, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि, "इंडोनेशिया गणराज्य के राष्ट्रपति महामहिम श्री प्रबोवो सुबियांतो के निमंत्रण पर मैं 6 से 8 जुलाई तक इंडोनेशिया की यात्रा करूँगा। वर्ष 2018 में मेरी पहली इंडोनेशिया यात्रा के दौरान भारत और इंडोनेशिया ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप के स्तर तक पहुँचाया था। इस पार्टनरशिप की स्थापना के बाद यह मेरी पहली द्विपक्षीय यात्रा होगी।"

उन्होंने आगे लिखा, "यह यात्रा 26 जनवरी 2025 को हमारे गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि रहे राष्ट्रपति प्रबोवो की भारत यात्रा के बाद हो रही है। भारत और इंडोनेशिया के बीच प्राचीन सभ्यतागत संबंधों के साथ-साथ लोगों के बीच भी गहरे और मजबूत रिश्ते हैं। मेरी यह यात्रा हमारी बहुआयामी साझेदारी के सभी पहलुओं को और अधिक सुदृढ़ करेगी। इस दौरान मैं इंडोनेशिया में रह रहे भारतीय समुदाय से भी मुलाकात करूँगा। साथ ही, राष्ट्रपति प्रबोवो के साथ योग्याकार्ता स्थित प्रंबानन मंदिर परिसर का भी दौरा करूँगा, जो भारत और इंडोनेशिया के गहरे सांस्कृतिक संबंधों का एक और शानदार उदाहरण है।"

ऑस्ट्रेलिया की यात्रा पर प्रधानमंत्री मोदी ने बताया, "ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री माननीय एंथोनी अल्बानीज के निमंत्रण पर मैं मेलबर्न जाऊँगा। मेरी यह यात्रा भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप को और अधिक मजबूत करेगी। प्रधानमंत्री अल्बानीज के साथ मेरी बातचीत में डिफेंस और सिक्योरिटी, ट्रेड एवं इन्वेस्टमेंट, एजुकेशन, मोबिलिटी तथा पीपल-टू-पीपल टाइज जैसे क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने पर विशेष ध्यान रहेगा। मेलबर्न में मुझे भारतीय समुदाय के लोगों से बातचीत करने का अवसर भी मिलेगा, जो हमारी स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप का एक महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। इसके अलावा, यह यात्रा भारत और ऑस्ट्रेलिया को उभरती एवं महत्वपूर्ण तकनीकों, खेल तथा खेल विज्ञान जैसे क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को और गहरा करने का अवसर भी प्रदान करेगी।"

इसके बाद न्यूजीलैंड की यात्रा पर उन्होंने कहा कि, "मेलबर्न से मैं न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री माननीय क्रिस्टोफर लक्सन के निमंत्रण पर ऑकलैंड की यात्रा करूँगा। यह यात्रा मार्च 2025 में प्रधानमंत्री लक्सन की भारत यात्रा के बाद हमारे द्विपक्षीय संबंधों में आई सकारात्मक मजबूती को और आगे बढ़ाएगी। अपनी यात्रा के दौरान मैं प्रधानमंत्री लक्सन के साथ आर्थिक, व्यापारिक और वाणिज्यिक संबंधों को और बेहतर बनाने पर चर्चा करूँगा। भारत और न्यूजीलैंड ने फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर करके द्विपक्षीय व्यापार और वाणिज्यिक संबंधों को मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता जताई है। दोनों देशों के संबंधों को मजबूत बनाने में भारतीय समुदाय का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है। इस यात्रा के दौरान मैं भारतीय समुदाय के एक बड़े सम्मेलन को संबोधित करने के लिए उत्सुक हूँ, जिसने जीवन के हर क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल की हैं।"

प्रधानमंत्री मोदी ने अंत में बताया कि पूर्वी और दक्षिणी हिंद महासागर में स्थित इंडोनेशिया और ऑस्ट्रेलिया की मेरी यात्रा तथा उसके बाद न्यूजीलैंड का दौरा, भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी, MAHASAGAR विजन और मुक्त एवं खुले इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को और अधिक मजबूती प्रदान करेगा

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