मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने आज विधानसभा में राज्य का बजट पेश किया। इस बार के बजट का कुल आकार करीब 4.38 लाख करोड़ रूपए है। यह बजट राज्य का पहला पेपरलेस बजट है और साथ ही इस बजट को आने वाले तीन वर्षों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। बजट पेश करने से पूर्व जगदीश देवड़ा ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और राज्य की जनता को बधाई दी। उन्होंने कहा कि बजट को अंतिम रूप देने से पहले आम जनता से सुझाव मांगे गए थे और बड़ी संख्या में महत्वपूर्ण सुझाव प्राप्त भी हुए।
बजट में महिलाओं के लिए चलाई जा रही "लाड़ली बहना योजना" के लिए 23,880 करोड़ रूपए का प्रावधान रखा गया है। इससे करीब 1.25 करोड़ महिलाओं को लाभ मिलेगा। वहीं "लाड़ली लक्ष्मी योजना' के लिए 1,801 करोड़ रूपए रखे गए हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 10,428 करोड़ रूपए और ग्रामीण व पंचायत विकास के लिए 40,062 करोड़ रूपए आवंटित किए गए हैं। शहरी विकास के लिए 21,000 करोड़ रूपए का प्रावधान रखा गया है। शिक्षा के क्षेत्र में 799 पीएम स्कूल और 200 से अधिक सान्दीपनि स्कूल चलाये जा रहे हैं। इन्हें CBSE स्तर तक विकसित करने की योजना है। खेल विकास के लिए 815 करोड़ रूपए रखे गए हैं।
बजट पेश करते हुए जगदीश देवड़ा ने कहा कि इस बार कोई नया टैक्स नहीं लगाया जाएगा। किसानों को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री कृषि उन्नति योजना के लिए 5,500 करोड़ रूपए और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए 1,299 करोड़ रूपए रखे गए हैं। सरकार ने एक लाख सोलर पंप किसानों को देने का लक्ष्य रखा है, ताकि बिजली पर निर्भरता कम हो सके। जल जीवन मिशन के लिए 4,400 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। वहीं स्वास्थ्य के क्षेत्र में 23,700 करोड़ रूपए खर्च किए जाएंगे। रिक्त पदों के लिए 3,000 से अधिक डॉक्टरों और 1,000 से अधिक नर्सों भर्ती की जाएगी। सामाजिक कल्याण योजनाओं के लिए 2,857 करोड़ रूपए आवंटित किए गए हैं, जिनमें दिव्यांग कल्याण, भरण पोषण योजना, कन्या विवाह योजना भी शामिल हैं।
सड़क विकास और मरम्मत के लिए 12,690 करोड़ रूपए आवंटित किए गए हैं। जल जीवन योजना के तहत 4,400 करोड़ रूपए से अधिक की राशि रखी गई है। इसके अलावा स्वच्छ भारत मिशन के लिए भी 400 करोड़ रूपए की राशि रखी गई है। उद्योग क्षेत्र में 8.63 लाख करोड़ रूपए के प्रोजेक्ट्स शुरू होने की बात कही गई है। उज्जैन सिंहस्थ 2028 के लिए 13 हजार करोड़ रूपए से अधिक का प्रावधान किया गया है। विपक्ष ने राज्य के कर्ज को लेकर सवाल उठाए, लेकिन सरकार ने इसे विकास और कल्याण का बजट बताया है।