भारत सरकार ने हाल ही में ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी की दुनिया पर कड़ा एक्शन लिया है। करीब 300 ऐसी वेबसाइट्स और एप्स को बैन कर दिया गया है, जो अवैध रुप से सट्टेबाजी और जुए का खेल चला रहे थे। इस कार्रवाई के बाद अब देश में प्रतिबंधित अवैध सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म्स की कुल संख्या 8,400 तक पहुंच चुकी है। इन वेबसाइट्स और एप्स में असली पैसों वाले कार्ड और कैसीनो गेम ऐप्स, ऑनलाइन स्पोर्ट्स बैटिंग प्लेटफॉर्म, सट्टा या मटका जुआ नेटवर्क, बेटिंग एक्सचेंज और ऑनलाइन कैसिनो भी शामिल है। सरकार का ये कदम उन लोगों के लिए चेतावनी है, जो भोले-भाले लोगों को जल्दी अमीर होने का लालच दिखाकर उनसे पैसे लूट रहे हैं।
भारत में ऑनलाइन गेमिंग एक्ट, 2025 लागू होने के बाद इस तरह की कार्रवाई में काफी तेजी देखी गई है। 8,400 प्लेटफॉर्म्स में से तकरीबन 4,900 तो इसी एक्ट के पारित होने के बाद ब्लॉक किए गए हैं। सट्टेबाजी की ये साइट्स अक्सर बड़े सोशल मीडिया और बड़े विज्ञापनों के जरिए युवाओं को अपना शिकार बनाती हैं। लोग कम समय में अधिक पैसा कमाने के चक्कर में अपना पैसा दांव पर लगा देते हैं और अंत में उन्हें भारी नुकसान का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा ये युवाओं की मेन्टल हेल्थ और सार्वजनिक जीवन पर भी बहुत गलत असर डाल रही है।
इस बैन का मुख्य उद्देश्य देश के बच्चों व युवाओं को इसी दलदल से बचाना माना जा रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) भी गेमिंग की लत को एक मेन्टल डिसऑर्डर मान चुका है। सरकार का कहना है कि ये प्लेटफॉर्म्स बड़े पैमाने पर अवैध लेनदेन और जुए को बढ़ावा दे रहे थे। इसे नियंत्रित करने के लिए आईटी एक्ट और अन्य संबंधित कानूनों के तहत निरंतर निगरानी और कार्रवाई की जा रही है। भारत सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य डिजिटल जगत को अधिक सुरक्षित बनाना और अवैध गतिविधियों को कम करना है।