पश्चिम बंगाल के आसनसोल से हैरान करने वाली खबर सामने आई है। यहां के रेलपार इलाके में लाउडस्पीकर की आवाज कम करने को लेकर भारी बवाल हो गया। बात इतनी बढ़ गई कि गुस्साई भीड़ ने पुलिस चौकी पर हमला किया, वहां पथराव किया और जमकर तोड़फोड़ की। इस हमले से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। पूरा मामला लाउडस्पीकर की आवाज को नियंत्रित करने से जुड़ा है। जानकारी के मुताबिक, प्रशासन की ओर से पुलिस को निर्देश दिए गए थे कि धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर की आवाज को तय नियमों के अनुसार ही रखा जाए। इसी सिलसिले में पुलिस रेलपार इलाके में बातचीत करने पहुंची थी।
लेकिन इस बीच ये अफवाह फैल गई कि पुलिस शुक्रवार की नमाज को जबरन रुकवाने आई है। जिस समय स्थानीय मस्जिद कमेटी के सदस्य आपस में बात कर रहे थे, उसी समय एक भीड़ ने वहां पहुंचकर पथराव आरंभ कर दिया। इस पत्थरबाजी में पुलिस के वाहनों और मोटरसाइकिलों को नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आई हैं। स्थिति काबू में करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज भी करना पड़ा। रिपोर्ट्स की मानें तो पुलिस द्वारा आंसूगैस का प्रयोग भी किया गया। फिलहाल इलाके में अतिरिक्त सुरक्षाबलों को तैनात किया गया है।
डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (DCP) वी.जी. सतीश पसुमार्थी ने मीडिया से बात करते हुए बताया, "अब स्थिति नियंत्रण में है। सब कुछ पुलिस के काबू में है और कोई समस्या नहीं है। हमें जो भी CCTV फुटेज मिले हैं, हम उनकी पहचान कर रहे हैं और इसमें शामिल सभी लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।"
आसनसोल उत्तर के विधायक कृष्णेंदु मुखर्जी के अनुसार, चौकी से पुलिसकर्मी मस्जिद गए थे और उन्होंने मस्जिद समिति से आग्रह किया था कि नमाज के दौरान आवाज को मस्जिद परिसर तक ही सीमित रखा जाए। इससे यह अफवाह फैल गई कि पुलिस शुक्रवार की नमाज रोकने की कोशिश कर रही है। मुखर्जी ने "तृणमूल-समर्थित बदमाशों" पर स्थिति को भड़काने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। उन्होंने सभी को नियमों का पालन करने की सलाह दी है।