भारत में आम आदमी की जेब पर एक बार फिर महंगाई की मार पड़ी है। शनिवार, 7 मार्च से रसोई गैस (LPG) की कीमतों में भारी बढ़ोतरी की गई है। घरेलू गैस सिलेंडर के दाम में 60 रूपए तक का इजाफा किया गया है, जबकि होटलों और रेस्टॉरेंट्स में इस्तेमाल होने वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत करीब 115 रूपए तक बढ़ा दी गई है। अचानक हुई इस बढ़ोतरी ने सभी को चौंका दिया है। इस महंगाई का सबसे बड़ा कारण मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष को माना जा रहा है। दरअसल इजराइल, अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और गैस की सप्लाई पर बुरा असर पड़ा है। भारत अपनी जरूरत का एक बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है, इसलिए वहां की हलचल का सीधा परिणाम हमारे किचन पर भी पड़ने लगा है।
नई दरें लागू होने के बाद अब राजधानी दिल्ली में घरेलू सिलेंडर 853 रूपए से बढ़कर 913 रूपए का हो गया है। इसी तरह कोलकाता में ये 939 रूपए, मुंबई में 912.50 रूपए और चेन्नई में 928.50 रूपए में मिलेगा। कमर्शियल सिलेंडर की बात करें तो एक सिलेंडर अब 1883 रूपए में मिलेगा। पहली इसकी कीमत 1768.50 रूपए थी। व्यापारियों के लिए ये हफ्ता दोहरा झटका लेकर आया है। इससे पहले 1 मार्च को भी कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में 28 रूपए की बढ़ोतरी की गई थी। अब महज 6 दिन बाद फिर से 115 रूपए बढ़ा दिए गए हैं। हालांकि उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए थोड़ी राहत बरकरार रखी गई है। इस योजना के तहत आने वाले करीब 10 करोड़ लोगों को 300 रूपए की सब्सिडी मिलती रहेगी।
भारतीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पूरी ने X पर एक पोस्ट में लिखा, "हमारी प्राथमिकता अपने नागरिकों के लिए किफायती और टिकाऊ ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित करना है और हम इसे बखूबी पूरा कर रहे हैं। भारत में गैस और ईंधन की कोई कमी नहीं है और हमारे ऊर्जा उपभोक्ताओं को चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है।" फिर भी आम जनता के लिए ये खबर किसी बड़े झटके से कम नहीं है। लोगों को डर है कि अगर इजराइल, अमेरिका और ईरान का ये संघर्ष और लंबा खींचा, तो आने वाले समय में पेट्रोल और डीजल की कीमतें भी आसमान छू लेंगी।