झारखंड के रांची में विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों के खिलाफ प्रदर्शन का आज 17वां दिन है। झारखंड विधानसभा की तरफ बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज का सहारा लिया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर वॉटर कैनन का भी इस्तेमाल किया। बताया जा रहा है कि इसके जवाब में प्रदर्शनकारियों द्वारा पुलिस पर चप्पलें और पानी की खाली बोतलें भी फेंकी गईं। अपना अनुभव बताते हुए एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि पुलिस बैरिकेड के पास विरोध कर रहे छात्रों पर बेरहमी से लाठीचार्ज किया गया।
नियम के अनुसार लाठी का इस्तेमाल सिर्फ कमर के नीचे ही किया जाना चाहिए, लेकिन उन्होंने हमारे सिर, हाथों, चेहरों और शरीर के अन्य हिस्सों पर भी लाठियां बरसाईं। इससे सरकार दोहरी नीति सामने आती है। लाठीचार्ज में घायल हुए विक्रम नाम के प्रदर्शनकारी ने बताया, हेमंत सोरेन जी, आपको ऐसा नहीं करना चाहिए था। हम शांति से आंदोलन कर रहे थे। हमने अपशब्दों का इस्तेमाल भी नहीं किया। अचानक पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। यह बिल्कुल गलत है।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ आंसू गैस का इस्तेमाल भी किया। थोड़ी देर पहले, एक स्थानीय अधिकारी ने मीडिया को बताया, फिलहाल स्थिति बिल्कुल शांतिपूर्ण है। छात्रों ने हमसे वादा किया था कि वे शांति से मार्च करेंगे। हमने भी यही अनुरोध किया था। पुलिस पर चप्पल फेंके जाने पर रविंद्र पासवान नामक एक छात्र नेता ने कहा, हम शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्र अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। कुछ असामाजिक तत्व इस प्रदर्शन को दूसरी दिशा में ले जाने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन हम छात्र अपनी मांगों का समर्थन कर रहे हैं।
रविंद्र ने कहा कि हम प्रशासन से अपील करते हैं कि ऐसे असामाजिक तत्वों की पहचान करे। हमारे वालंटियर्स भी उन्हें पहचानने की कोशिश कर रहे हैं। CCTV फुटेज और वीडियो कैमरों की जांच की जाएगी और कार्रवाई होगी। हम सभी छात्रों से अपील करते हैं कि अगर उन्हें अपने बीच कोई असामाजिक तत्व दिखे तो वे हमारे वालंटियर्स से संपर्क करें। हम इस प्रदर्शन को शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से अंत तक जारी रखेंगे। मैं राज्य सरकार से भी विनम्र अपील करता हूं कि यह एक ऐतिहासिक प्रदर्शन होने जा रहा है और शाम तक भीड़ और बढ़ेगी।
उनके मुताबिक, सरकार को इसे गंभीरता से लेना होगा और आज ही कोई फैसला करना होगा। हाल ही में, झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) के पूर्व चेयरमैन एल. खियांगते (L. Khiangte) को राज्य के क्रिमिनल इन्वेस्टीगेशन डिपार्टमेंट (CID) ने गिरफ्तार किया है। छात्र झारखंड कर्मचारी चयन आयोग – कंबाइंड ग्रेजुएट लेवल (JSSC-CGL) परीक्षा की निष्पक्ष और स्वतंत्र CBI जांच के साथ-साथ JPSC और JSSC में व्यापक सुधार की मांग कर रहे हैं।