संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) के यूजीन में चल रही वर्ल्ड एथलेटिक्स U20 चैंपियनशिप में भारत का लंबा इंतजार खत्म हो गया है। 19 साल के एथलीट आशीष यादव ने भाला फेंक (जैवलिन थ्रो) में भारत के लिए सिल्वर मेडल जीता है। इसके साथ ही, इस प्रतियोगिता में भाला फेंक में भारत का 10 साल का पदकों का सूखा समाप्त हो गया है। आशीष ने 69.96 मीटर के साथ फाइनल की शुरुआत की, लेकिन उनका दूसरा प्रयास फाउल रहा। तीसरे प्रयास में उन्होंने 74.09 मीटर का थ्रो किया, जिसने अंततः उनके लिए सिल्वर मेडल पक्का कर दिया।
इसके बाद, उन्होंने अपने आखिरी तीन प्रयासों में 72.31 मीटर, 70.62 मीटर और 67.98 मीटर की दूरी तक थ्रो किया। दक्षिण अफ्रीका के जान-हेंड्रिक ह्यूमन्स ने 80.50 मीटर के थ्रो के साथ गोल्ड मेडल जीता। वहीं डॉमिनिका के एडिसन जेम्स ने 73.89 मीटर के थ्रो के साथ ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया। आशीष का सिल्वर मेडल, नीरज चोपड़ा के 2016 में बिडगोश्च (Bydgoszcz) में 86.48 मीटर के वर्ल्ड U20 रिकॉर्ड के साथ जैवलिन खिताब जीतकर भारत के पहले वर्ल्ड U20 चैंपियन बनने के 10 साल बाद आया है।
इसके साथ ही, आशीष वर्ल्ड एथलेटिक्स U20 चैंपियनशिप में मेडल जीतने वाले दूसरे भारतीय जैवलिन थ्रोअर बन गए हैं। आशीष को उनकी सफलता पर बधाई देते हुए नीरज ने X पर लिखा, "इंटरनेशनल लेवल पर भारतीय एथलीट्स को मुकाबला करते और जीतते हुए देखना हमेशा बहुत अच्छा लगता है, लेकिन एक जैवलिन थ्रोअर होने के नाते यह मेरे लिए कुछ ज्यादा ही खास है। U-20 वर्ल्ड्स में सिल्वर मेडल जीतने पर मुझे तुम पर बहुत गर्व है आशीष, यह तो बस शुरुआत है!"
इस उपलब्धि पर एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (AFI) ने भी एक पोस्ट किया। उन्होंने लिखा, "आशीष यादव ने ओरेगन में हुई वर्ल्ड U20 चैंपियनशिप में पुरुषों के जैवलिन थ्रो में 74.09 मीटर का थ्रो करके सिल्वर मेडल जीता! क्वालिफाइंग ग्रुप में टॉप करने से लेकर वर्ल्ड पोडियम तक पहुँचने तक, इस युवा खिलाड़ी ने हिम्मत बनाए रखी, अपना फॉर्म बरकरार रखा और सबसे अहम मौके पर शानदार प्रदर्शन किया। एक यादगार थ्रो। भारत के लिए एक मेडल। हर रन-अप, हर जोश भरी दहाड़, हर पल का भरोसा, इन सबने मिलकर यह कामयाबी दिलाई। जिस भाले ने देश की उम्मीदों को आगे बढ़ाया, उसी ने अब मेडल भी दिलाया है। चैंपियन, आपको सलाम। भारत को आप पर बहुत गर्व है।"