राजनयिक दृष्टिकोण से, सोमवार का दिन भारत के लिए काफी अहम रहा। एक तरफ, नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने पद संभालने के बाद भारतीय राजदूत नवीन श्रीवास्तव से मुलाकात की। वहीं दूसरी तरफ, बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने भारतीय उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी से भेंट की। सबसे पहले नेपाल की बात करें तो, पद संभालने के लगभग चार महीने बाद बालेन शाह की किसी विदेशी राजनयिक के साथ यह पहली आमने-सामने की मुलाकात थी। इससे पहले, उन्होंने राजदूतों के साथ अलग-अलग मुलाकात के बजाय ग्रुप में बातचीत को प्राथमिकता दी थी। नेपाल की राजधानी काठमांडू के सिंह दरबार में दोनों की भेंट हुई।
इसकी तस्वीरें X पर साझा करते हुए नवीन श्रीवास्तव ने लिखा, "आज सुबह नेपाल के माननीय प्रधानमंत्री बालेन शाह से मिलकर सम्मानित महसूस कर रहा हूँ। प्रधानमंत्री मोदी जी की ओर से उन्हें हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। भारत और नेपाल के बीच मजबूत और बहुआयामी साझेदारी को और गहरा करने पर सार्थक और उपयोगी बातचीत हुई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रधानमंत्री शाह ने पहले प्रोटोकॉल से जुड़ी दिक्कतों की वजह से भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी से मिलने से इनकार कर दिया था। उन्होंने बराबर के ओहदे वाले अधिकारियों (मंत्री स्तर या उससे ऊपर) के बीच बैठक पर जोर दिया, जिसके कारण यह दौरा टाल दिया गया।
इस बीच, बांग्लादेश की राजधानी ढाका में प्रधानमंत्री तारिक रहमान और भारतीय उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी के बीच एक बैठक हुई। सोशल मीडिया पर कार्यक्रम की तस्वीरें शेयर करते हुए, बांग्लादेश में भारतीय उच्चायोग ने लिखा,, "हाई कमिश्नर दिनेश त्रिवेदी ने 10 अगस्त 2026 को बांग्लादेश के माननीय प्रधानमंत्री, महामहिम तारिक रहमान से शिष्टाचार भेंट की। हाई कमिश्नर ने भारत के माननीय प्रधानमंत्री की ओर से शुभकामनाएँ दीं और बांग्लादेश की सरकार व जनता के साथ सकारात्मक, रचनात्मक और भविष्योन्मुखी ढंग से मिलकर काम करने की इच्छा व्यक्त की। उन्होंने आपसी हित के मामलों पर विचार-विमर्श किया और लोगों को केंद्र में रखकर भारत और बांग्लादेश के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत बनाने के तरीकों पर चर्चा की।"
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने मीडिया के साथ वर्चुअल बातचीत की थी। इस पर बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने कड़ी आपत्ति जताते हुए एक प्रेस रिलीज में लिखा था कि बांग्लादेश इस बात से नाराज है कि नरसंहार की दोषी और फरार शेख हसीना को नई दिल्ली में मीडिया से लाइव बातचीत करने की इजाजत दी गई, जहाँ उन्होंने और उनके साथियों ने बांग्लादेश और वहाँ के लोगों के खिलाफ जहरीली बातें कहीं।