अयोध्या में रामनवमी के अवसर पर हुआ प्रभु श्रीराम का सूर्य तिलक

पहला सूर्य तिलक 17 अप्रैल 2024 को हुआ था और दूसरा 6 अप्रैल 2025 को हुआ था। यह तीसरा वर्ष है, जब सूर्य तिलक समारोह सम्पन्न हुआ।

अयोध्या में रामनवमी के अवसर पर हुआ प्रभु श्रीराम का सूर्य तिलक

प्रभु श्री राम का हुआ सूर्य तिलक।

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Highlights

  • सूर्य तिलक से पहले रामलला का पंचामृत से अभिषेक हुआ।
  • रामनवमी के अवसर पर 10 लाख श्रद्धालु अयोध्या पहुंचे है।
  • प्रधानमंत्री मोदी ने भी टीवी के माध्यम से सूर्य तिलक समारोह देखा।

अयोध्या में रामनवमी के पावन अवसर पर प्रभु श्री राम का सूर्य तिलक सम्पन्न हुआ। ठीक दोपहर 12 बजे, जब भगवान राम के जन्म का समय माना जाता है, सूर्य की किरणें उनके माथे पर पड़ीं। इस दिव्य समारोह के दौरान सूर्य की किरण को मंदिर के गर्भगृह में विराजमान श्रीराम लला के माथे पर केंद्रित किया जाता है। दर्पणों और लेंसों के एक एडवांस्ड सिस्टम की सहायता से सूर्य का प्रकाश गर्भगृह में प्रवेश करता है और कुछ मिनटों के लिए प्रभु के माथे पर एक तिलक बनाता है। इस समारोह में आस्था तथा विज्ञान का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। खबरों के मुताबिक, करीब 9 मिनट तक सूर्य की किरण श्रीराम के ललाट पर पड़ी।

सूर्य तिलक से पहले प्रभु का विशेष पूजन किया गया था। रामलला का दूध, दही, शहद और गंगाजल यानी पंचामृत से अभिषेक हुआ। इसके बाद उन्हें पीले वस्त्र पहनाए गए और उन्हें सोने का मुकुट तथा हार भी पहनाया गया। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी टीवी के माध्यम से भगवान राम को नमन किया और सूर्य तिलक समारोह देखा। जानकारी के लिए बता दें कि पहला सूर्य तिलक 17 अप्रैल 2024 को हुआ था और दूसरा 6 अप्रैल 2025 को हुआ था। यह तीसरा वर्ष है, जब सूर्य तिलक समारोह सम्पन्न हुआ। रामनवमी को देखते हुए मंदिर में प्रभु के दर्शन के लिए लंबी कतारें लगी हुई हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, करीब 10 लाख श्रद्धालु अयोध्या पहुंचे हैं।

इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सरयू नदी में पवित्र डुबकी भी लगाई। श्रीराम नवमी के अवसर पर श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर की सुरक्षा भी काफी कड़ी कर दी गई है। इससे पूर्व चैत्र नवरात्रि की अष्टमी के दिन श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर में स्थित सूर्य मंदिर में सभी वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार ध्वजारोहण किया गया। इस भगवा ध्वजा पर ॐ का चिह्न अंकित है और इसे 19 फीट 7 इंच ऊँचे ध्वज-स्तंभ पर फहराया गया है।

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