मदन मित्रा ने भी ममता बनर्जी से तोड़ा नाता, ऋतब्रत बनर्जी वाले गुट में हुए शामिल

उन्होंने TMC के सभी पदों से इस्तीफा भी दे दिया है, जिनमें नेशनल कमेटी, चीफ व्हिप, वर्किंग कमेटी, पार्टी जनरल सेक्रेटरी और संगठन के अन्य सभी पद शामिल हैं।​

मदन मित्रा ने भी ममता बनर्जी से तोड़ा नाता, ऋतब्रत बनर्जी वाले गुट में हुए शामिल

मदन मित्रा 2011 से 2016 और 2021 से अब तक कमरहाटी से विधायक है।

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Highlights

  • ED ने म्युनिसिपल भर्ती घोटाले के मामले में मदन की पत्नी और बेटों को समन जारी किया था।
  • चुनावों में करारी हार के बाद ममता बनर्जी ने मदन को हाल ही में महासचिव नियुक्त किया था।
  • ममता गुट छोड़ने के बाद मदन ने कहा की लगता है TMC अब केवल अभिषेक की सेवा तक सीमित हो गई है।

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को एक और बड़ा झटका लगा है। कमरहाटी के विधायक और उनके लंबे समय से सहयोगी रहे मदन मित्रा भी आज उनसे अलग हो गए हैं और विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी के गुट में शामिल हो गए हैं। विधानसभा चुनावों में करारी हार के बाद, ममता ने उन्हें हाल ही में महासचिव नियुक्त किया था।

इस महीने की शुरुआत में, ममता ने घोषणा की थी कि वह तृणमूल कांग्रेस (TMC) की पश्चिम बंगाल राज्य इकाई की अध्यक्ष का पद संभालेंगी और उन्होंने मदन मित्रा और कुणाल घोष को राज्य समिति में महासचिव के तौर में शामिल किया था। अब तक कई लोग उनसे अलग हो चुके हैं, और अब मदन इस फेहरिस्त में सबसे नया नाम है। ऋतब्रत बनर्जी वाले गुट में शामिल होने के बाद मीडिया से भी बात की।

मदन मित्रा ने बताया कि, "मैने अभिषेक बनर्जी को सुझाव दिया था कि वो 6 महीने या एक साल के लिए हट जाएं।" मैने उनसे कहा, "आइए पार्टी को मजबूत करते हैं और फिर आप वापस आकर अपनी सीट ले सकते हैं। लेकिन अभिषेक ने मना कर दिया। उन्होंने कहा, "मै पार्टी नहीं छोडूंगा। पार्टी डूब चुकी है। लोग मर रहे हैं। फिर भी, पार्टी ने यह तय किया, या यूं कहें कि उसे यह मानना ​​पड़ा, कि बाकी सब मर जाएं तो ठीक है, लेकिन अभिषेक को बचाना जरूरी है। यह बहुत दुखद है। पार्टी सबकी है, फिर भी ऐसा लगता है कि यह सिर्फ अभिषेक की सेवा करने तक ही सीमित रह गई है।"

उन्होंने आगे कहा, "मैं ममता जी से गुजारिश करता हूं कि आइए इसे एक मैराथन की तरह देखें। रास्ते में हम जरूर मिलेंगे। देखते हैं कौन सा घोड़ा आगे निकलता है। मैंने सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। हालांकि, मैं अभी भी MLA हूं। मैंने तृणमूल से जुड़ी हर चीज छोड़ दी है। इसका मतलब है कि काम-काज के लिहाज से मैं अब तृणमूल MLA नहीं रहा।"

जानकारी के लिए बता दें कि मदन मित्रा 2011 से 2016 और 2021 से अब तक कमरहाटी से विधायक हैं। इससे पहले वो 2009 से 2011 तक बिष्णुपुर पश्चिम से भी विधानसभा सदस्य रह चुके हैं। वो पश्चिम बंगाल कैबिनेट में मंत्री भी रह चुके हैं, जहां उन्होंने परिवहन और खेल एवं युवा मंत्रालय जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाल थी।

मदन पश्चिम बंगाल परिवहन निगम (WBTC) के चेयरमैन भी रह चुके हैं। उन्होंने TMC के सभी पदों से इस्तीफा भी दे दिया है, जिनमें नेशनल कमेटी, चीफ व्हिप, वर्किंग कमेटी, पार्टी जनरल सेक्रेटरी और संगठन के अन्य सभी पद शामिल हैं।​ महज एक दिन पहले, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने म्युनिसिपल भर्ती घोटाले के मामले में उनकी पत्नी और दो बेटों को समन जारी किया था।

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