INDIA गठबंधन को झटका, NCP(SP) परिसीमन बिल को दे सकती है समर्थन

परिसीमन बिल पर लोकसभा सांसद सुप्रिया सुळे ने बताया कि अगर सरकार सभी राज्यों में सीटों में 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी करती है और इसे लागू करने का तरीका साफ करती है, तो हम इसका समर्थन करेंगे।

INDIA गठबंधन को झटका, NCP(SP) परिसीमन बिल को दे सकती है समर्थन

NCP-SP के नेतृत्व द्वारा अभी तक इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

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Highlights

  • NCP-SP के पास इस वक्त 8 लोकसभा और एक राज्यसभा सांसद है।
  • लोकसभा सांसद सुप्रिया सुळे ने कहा कि बिल पेश होने के बाद ही हम अपना रूख तय करेंगे।
  • NCP के दोनों गुटों की मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात के बाद कई अटकलें भी लगाई जा रही है।

राष्ट्रीय राजनीति के गलियारों से बड़ी खबर है। मॉनसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होने जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री शरद पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी-शरदचंद्र पवार (NCP-SP) दो अहम बिलों, महिला आरक्षण बिल और परिसीमन बिल पर केंद्र सरकार को समर्थन दे सकती है। NCP-SP के पास इस वक्त 8 लोकसभा और एक राज्यसभा सांसद है। हालांकि NCP(SP) के वरिष्ठ नेतृत्व द्वारा अभी तक इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

परिसीमन बिल पर लोकसभा सांसद सुप्रिया सुळे ने बताया कि अगर सरकार सभी राज्यों में सीटों में 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी करती है और इसे लागू करने का तरीका साफ करती है, तो हम इसका समर्थन करेंगे। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने बताया, "हमने परिसीमन के बारे में न तो किसी से बातचीत की है और न ही किसी ने हमसे इस बारे में संपर्क किया है। बिल पेश होने के बाद ही हम अपना रूख तय करेंगे। हालांकि, हम INDIA गठबंधन के भीतर किसी भी आने वाले बिल पर विस्तार से चर्चा करेंगे। DMK, SP और हमारी पार्टी ने कहा था कि हम 50% कोटा के मुद्दे पर विचार करेंगे। INDIA गठबंधन ने परिसीमन की मांग नहीं की थी। हमारी मांग है कि महिलाओं के लिए 33% आरक्षण लागू किया जाए।"

इससे पहले, NCP के दो वरिष्ठ नेताओं, सुनील तटकरे और प्रफुल्ल पटेल ने कल महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से उनके आधिकारिक निवास 'वर्षा' में मुलाकात की। NCP(SP) नेता जयंत पाटिल ने भी फडणवीस से मुलाकात की। इससे दोनों गुटों के विलय की संभावना सहित कई अटकलें शुरू हो गई हैं।

हालांकि, पाटिल ने इस पर सफाई देते हुए कहा कि, "कुछ दिन पहले, मेरे चुनाव क्षेत्र में उरण-ईश्वरपुर नाम का एक शहर है। वहाँ के मेयर नागराज दीक्षित, जो लगभग 7000 वोटों के अंतर से चुने गए थे, उनके मामले में किसी ने कलेक्टर से शिकायत की और कलेक्टर ने उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया। इसलिए हम सरकार से अपील करना चाहते थे। चूँकि एकनाथ शिंदे दिल्ली गए हुए थे, इसलिए मेरे पास मुख्यमंत्री से मिलने के अलावा कोई चारा नहीं था।"

उन्होंने आगे कहा, "मैंने मुख्यमंत्री से मिलने का समय माँगा, और उन्होंने कहा कि मैं उनसे 10.30 बजे के बाद मिल सकता हूँ। काफी देर इंतजार करने के बाद, वे बाहर आए। मैंने उन्हें मामला समझाया। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं थी, लेकिन वे इस पर फैसला लेंगे और दो दिनों में पता लगाएँगे कि उन्हें अयोग्य क्यों घोषित किया गया। उन्होंने कहा कि वे मुझसे दोबारा संपर्क करेंगे। यह मामला पूरी तरह से मेरे चुनाव क्षेत्र से जुड़ा था।" जयंत पाटील ने कहा कि हमारी पार्टी एकजुट है। हम सभी शरद पवार के नेतृत्व में काम कर रहे हैं और हम पूरी तरह से साथ हैं।

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