झांसी में डिवाइडर से कार टकराने के बाद अतीक अहमद के बेटे आबान अहमद की मौत

जानकारी के मुताबिक, अतीक के पांच बेटे हैं। उसका सबसे बड़ा बेटा, उमर अहमद, लखनऊ जेल में है। अली अहमद झांसी जेल में है। तीसरा बेटा, असद, अप्रैल 2023 में झांसी में पुलिस एनकाउंटर में मारा गया था। चौथा बेटा अहजम है। वहीं, पांचवें बेटे, अबान की आज एक हादसे में मौत हो गई।

झांसी में डिवाइडर से कार टकराने के बाद अतीक अहमद के बेटे आबान अहमद की मौत

आबान अपने बड़े भाई अली अहमद से मिलने झांसी जिला जेल जा रहा था।

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Highlights

  • सड़क पर जानवर से बचने की कोशिश में कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से जा टकराई।
  • हादसे में कार में सवार तीन अन्य लोग घायल हो गए।
  • पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।

उत्तर प्रदेश के झांसी ज़िले से एक बड़ी खबर सामने आई है। यहां माफिया अतीक अहमद के बेटे आबान अहमद की एक सड़क हादसे में मौत हो गई। वो अपने बड़े भाई अली अहमद से मिलने के लिए प्रयागराज से झांसी जिला जेल जा रहे थे। जानकारी के मुताबिक, यह हादसा झांसी-कानपुर हाईवे पर हुआ, जहां आबान की तेज रफ्तार गाड़ी सड़क के डिवाइडर से टकरा गई। एक स्थानीय पुलिस अधिकारी ने बताया कि आज सुबह करीब 10.30 बजे, पांच लोगों से भरी एक क्रेटा कार झांसी जिले के पूंछ पुलिस स्टेशन इलाके से गुजर रही थी। गाड़ी तेज रफ्तार में थी, तभी किसी वजह से ड्राइवर का नियंत्रण खो गया और कार डिवाइडर से टकरा गई। इस हादसे में अतीक अहमद के बेटे आबान और रजा के बेटे सोनू की मौके पर ही मौत हो गई।

गाड़ी में सवार अन्य तीन लोग, मोहम्मद जैद/जायद, उमर और एक अन्य व्यक्ति घायल हो गए और उनका झांसी मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है। उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। खबर है कि सड़क पर एक जानवर से बचने की कोशिश में कार का संतुलन बिगड़ा और वह डिवाइडर से जा टकराई। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।जानकारी के मुताबिक, अतीक के पांच बेटे हैं। उसका सबसे बड़ा बेटा, उमर अहमद, लखनऊ जेल में है। अली अहमद झांसी जेल में है। तीसरा बेटा, असद, अप्रैल 2023 में झांसी में पुलिस एनकाउंटर में मारा गया था। चौथा बेटा अहजम है। वहीं, पांचवें बेटे, अबान की आज एक हादसे में मौत हो गई।

इस दुर्घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा विधायक नंद किशोर गुर्जर ने कहा कि इस दुनिया में इंसान या उसके परिवार वाले जो भी करते हैं, उन्हें कभी न कभी अपने कर्मों की सजा भुगतनी ही पड़ती है। वहीं उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री संजय निषाद ने कहा कि हादसा तो हादसा होता है, इसे किसी और नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए। यदि कोई बयानबाजी करता है, तो यह जांच का विषय बन जाता है। बिना जांच के कुछ भी कहना सही नहीं है। हादसा कहीं भी और किसी के साथ भी हो सकता है और हादसों में लोग शिकार होते हैं। इस हादसे को सड़क दुर्घटना के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।

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