नोएडा सड़क हादसा : तीन बड़ी लापरवाहियां और एक युवा सॉफ्टवेयर इंजीनियर की दर्दनाक मौत

उत्तर प्रदेश के नोएडा में एक 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत ने पूरे शहर को हिलाकर रख दिया है। ये न केवल एक दुखद घटना है, बल्कि उन गंभीर लापरवाहियों का नतीजा है, जिन्हें समय रहते ठीक किया जा सकता था।

नोएडा सड़क हादसा : तीन बड़ी लापरवाहियां और एक युवा सॉफ्टवेयर इंजीनियर की दर्दनाक मौत

नोएडा में एक 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत ने पूरे शहर को हिलाकर रख दिया।

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Highlights

  • नोएडा में 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत
  • हादसे वाली सड़क पर एक 90 डिग्री का मोड़
  • सुरक्षा के लिहाज से बड़ी चूक और लापरवाहियों का नतीजा है

उत्तर प्रदेश के नोएडा में एक 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत ने पूरे शहर को हिलाकर रख दिया है। ये न केवल एक दुखद घटना है, बल्कि उन गंभीर लापरवाहियों का नतीजा है, जिन्हें समय रहते ठीक किया जा सकता था। अब तक सामने आई जानकारियों में इस घटना से जुड़ी तीन बड़ी सुरक्षा चूकें उजागर हुई है, जो वाकई जानलेवा साबित हुई।

हादसे वाली सड़क पर एक ऐसा मोड़ था जो 90-डिग्री पर मुड़ता है। ये मोड़ ड्राइवर को दूर से साफ दिखाई नहीं देता था। रात का समय, घना कोहरा और कम विजिबिलिटी के कारण तेज़ रफ्तार में आ रही गाड़ी के लिए ऐसे मोड़ पर खुद को संभालना बहुत मुश्किल हो जाता है। जानकारी के मुताबिक, यही अचानक आने वाला मोड़ इस हादसे की एक बड़ी वजह बन गया।

किसी भी खतरनाक मोड़ या अंडर कंस्ट्रक्शन इलाके में चेतावनी बोर्ड, रिफ्लेक्टर और पर्याप्त लाइटिंग होना ज़रूरी होता है। लेकिन सामने आया है कि वहां न कोई साफ चेतावनी बोर्ड था और न ही पर्याप्त लाइटिंग या रिफ्लेक्टर्स। ड्राइवर को ये बताने वाला कोई साफ संकेत नहीं था कि आगे सड़क खत्म हो रही है या वहां कोई गहरा या पानी से भरा गड्ढा मौजूद है। यदि समय रहते सही साइन बोर्ड और संकेत होते तो हादसा टल सकता था।

सुरक्षा के लिहाज़ से सबसे बड़ी और गंभीर चूक ये रही कि वहां मौजूद गहरे गड्ढे के चारों और कोई ठोस बैरिकेडिंग, बाउंड्री वॉल या मज़बूत फेंसिंग नहीं थी। वहां मौजूद टेम्पररी सुरक्षा इंतज़ाम वाहन को रोकने या ड्राइवर को समय रहते सतर्क करने के लिए काफी नहीं थे। इसी वजह से गाड़ी नियंत्रण खोकर पानी से भरे गड्ढे में जा गिरी।

इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि सड़क सुरक्षा में की गई छोटी सी लापरवाही भी किसी की जान ले सकती है। इस गंभीर चूक ने एक पिता से उसका बेटा, एक बहन से उसका भाई छीन लिया साथ ही पूरे परिवार को एक ऐसा ज़ख्म दे दिया है, जो शायद कभी भर नहीं पाएगा।

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