प्रधानमंत्री मोदी-मेलोनी की प्रेस वार्ता, भारत-इटली के रिश्तों को स्पेशल स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप स्तर तक ले जाने का फैसला

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को रोम में मिलिट्री गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया। इस दौरान उनके साथ इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी भी उपस्थित थी। वे दोनों एक संयुक्त प्रेस वार्ता में भी शामिल हुए।

प्रधानमंत्री मोदी-मेलोनी की प्रेस वार्ता, भारत-इटली के रिश्तों को स्पेशल स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप स्तर तक ले जाने का फैसला

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा की भारत-इटली इस बात पर एकमत है की आतंकवाद मानवता के लिए चुनौती है।

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Highlights

  • प्रधानमंत्री मोदी ने इटली के राष्ट्रपति से मुलाकात के दौरान ट्रेड और इन्वेस्टमेंट जैसे मुद्दों पर की चर्चा।
  • भारत एवं इटली शिपिंग, पोर्ट्स मॉडर्नाइजेशन, लॉजिस्टिक्स और ब्लू इकॉनमी पर मिलकर काम कर सकते है।
  • प्रधानमंत्री मोदी ने कहा की टेरर फाइनेंसिंग के खिलाफ हमारी पहल ने दुनिया के सामने एक उदाहरण प्रस्तुत किया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समय अपनी विदेश यात्रा के अंतिम पड़ाव में इटली पहुंच चुके हैं। आज उन्होंने इटली के राष्ट्रपति सर्जियो मैटरेला से मुलाकात की। इसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा करते हुए उन्होंने लिखा, "हमने भारत-इटली की दोस्ती से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की, जिसमें ट्रेड, इनवेस्टमेंट और सांस्कृतिक संबंध शामिल हैं। हमने इस बात पर भी चर्चा की कि हमारे देश AI, क्रिटिकल मिनरल्स, स्पेस और न्यूक्लियर एनर्जी जैसे क्षेत्रों में किस तरह सहयोग कर सकते हैं।"

प्रधानमंत्री मोदी को रोम में मिलिट्री गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया। इस दौरान उनके साथ इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी भी उपस्थित थी। वे दोनों एक संयुक्त प्रेस वार्ता में भी शामिल हुए।

प्रेस वार्ता के दौरान इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके डेलिगेशन का यहां रोम में स्वागत करना मेरे लिए सम्मान और खुशी की बात है। आज का दिन, हमारे दोनों देशों के संबंधों के लिए एक ऐतिहासिक दिन है। मेरे मित्र, नरेंद्र मोदी 2014 से भारत का नेतृत्व कर रहे हैं। लेकिन आज, इटली की यह उनकी पहली द्विपक्षीय यात्रा है। इससे पहले, किसी भारतीय प्रधानमंत्री की द्विपक्षीय यात्रा 2000 में हुई थी, यानी 26 साल पहले।

प्रधानमंत्री मेलोनी ने कहा, "आज, इस यात्रा के साथ, हम न केवल इस अंतर को भर रहे हैं, बल्कि हमने मिलकर अपने संबंधों को फिर से मजबूत करने का भी फैसला किया है। यह यात्रा उस रास्ते की सबसे ऊंची मंजिल है जिसे हमने मिलकर दृढ़ संकल्प के साथ बनाया है, ताकि हमारे आपसी संबंधों को अब तक के सबसे ऊंचे स्तर तक पहुँचाया जा सके।"

उन्होंने आगे कहा, "आज, यहां रोम में, हम अपने संबंधों को और मजबूत कर रहे हैं, यहां तक कि स्पेशल स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप के स्तर तक, जो दो देशों के संबंधों में अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है। हमारा लक्ष्य कई क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच आपसी तालमेल को बढ़ाना है। हमने आज और कल रात भी इस पर विस्तार से चर्चा की है।

प्रधानमंत्री मेलोनी ने कहा, "एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर, एनर्जी, स्पेस, इकोनॉमी, डिफेंस। ये ऐसे सहयोग के क्षेत्र हैं जिन पर हम पूरी मेहनत से काम कर रहे हैं। क्रिटिकल मिनरल्स, एग्रो इंडस्ट्री, समुद्री परिवहन, पर्यटन और संस्कृति, ये बहुत ही महत्वपूर्ण अवसर हैं। आज जिन महत्वपूर्ण MoU पर हस्ताक्षर होने जा रहे हैं, वे इसी दिशा में एक कदम हैं, जिनका उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों में हमारे सहयोग को और मजबूत करना है।"​

इसके बाद भारत के प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "मुझे और मेरे डेलिगेशन को दिए गए भव्य स्वागत के लिए मैं PM मेलोनी का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ। रोम को दुनिया में एटरनल सिटी (Eternal City) के रूप में जाना जाता है। भारत में मेरा लोकसभा क्षेत्र, काशी, उसे भी अनादि और शाश्वत नगर माना जाता है। जब दो सभ्यताएँ मिलती हैं, तो चर्चाएँ किसी एजेंडे तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि उनमें इतिहास की गहराई, भविष्य की दृष्टि और मित्रता की सहजता तीनों साथ दिखाई देती है।"

उन्होंने आगे कहा कि "पिछले 3.5 वर्षों में, मुझे प्रधानमंत्री मेलोनी से कई बार मिलने का अवसर मिला। यह भारत और इटली के बीच करीबी सहयोग और सामंजस्य को दर्शाता है।"

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "हमारे डिफेंस इंडस्ट्रियल रोडमैप ने को-डेवलपमेंट और को-प्रोडक्शन का रास्ता खोल दिया है। मेरीटाइम पावर्स के तौर पर, कनेक्टिविटी के क्षेत्र में भारत और इटली के बीच घनिष्ठ सहयोग स्वाभाविक है। हम शिपिंग, पोर्ट्स मॉडर्नाइजेशन, लॉजिस्टिक्स और ब्लू इकॉनमी पर मिलकर काम करेंगे।"

आतंकवाद के मुद्दे पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत-इटली इस बात पर एकमत हैं कि आतंकवाद मानवता के लिए एक गंभीर चुनौती है। उन्होंने कहा, "टेरर फाइनेंसिंग के खिलाफ हमारी साझा पहल ने पूरी दुनिया के सामने एक महत्वपूर्ण उदाहरण प्रस्तुत किया है। भारत और इटली ने यह साफ संदेश दिया है कि रिस्पॉन्सिबल डेमोक्रेसीज़ सिर्फ आतंकवाद की निंदा ही नहीं करते, बल्कि उसके फाइनेंसिंग नेटवर्क को खत्म करने के लिए ठोस कदम भी उठाते हैं।"

वर्तमान संघर्षों पर भी प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हम यूक्रेन, पश्चिम एशिया और अन्य तनावों के संबंध में लगातार संपर्क में रहे हैं। भारत का मत स्पष्ट है कि सभी समस्याओं का समाधान डायलॉग और डिप्लोमेसी के माध्यम से होना चाहिए।

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